संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। यौन शोषण के आरोपी मनोज कन्नौजिया की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बन गई है। छह दिन बाद भी पुलिस उसकी गिरफ्तारी नहीं कर पाई है।
राजनीतिक दबाव में पुलिस आरोपी की पत्नी जिला पंचायत सदस्य को कोतवाली में हाजिरी लगाने के बाद पुनः घर पहुंचा दे रही है। इससे पुलिस की कार्य शैली पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों की माने तो आरोपी कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के फिराक में जुटा हुआ है।
सलेमपुर कोतवाली क्षेत्र के रहने वाला व जिला पंचायत सदस्य का पति मनोज कन्नौजिया की गिरफ्तारी पुलिस के लिए सिर दर्द बनी हुई है। छह दिन बाद भी एसपी विक्रांत वीर की गठित टीम और एसओजी उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
आरोपी पर दबाव बनाने के लिए उसकी जिला पंचायत सदस्य पत्नी को पुलिस ने हिरासत में लिया था, अब उसे कोतवाली में हाजिरी लगाने के बाद घर भेज दे रही है।
सूत्रों की माने तो आरोपी कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के फिराक में जुटा है। हालांकि, इसकी भनक पुलिस को लग चुकी है और कोर्ट के इर्द-गिर्द नजर दौड़ा रही है। छह मार्च को आरोपी जिला पंचायत सदस्य के पति ने रिश्ते की 17 वर्षीय बहन को सोनूघाट चौराहे पर ट्राफी में नशीली दवा मिलाकर खिला दी थी। जब वह बेहोश हो गई तो उसे देवरिया रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल ले जाकर यौन शोषण। मनबढ़ की धमकी के चलते किशोरी अब भी सहमी हुई है। मां के बार-बार पूछने के बाद उसने आपबीती बताई थी। इसके बाद पीड़िता के पिता ने सदर कोतवाली आरोपी जिला पंचायत सदस्य के पति मनोज कन्नौजिया पर पाॅस्को एक्ट और दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था।