संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया/बरहज। जिले में बहने वाली सरयू, राप्ती और गोर्रा नदी उफान पर हैं। इनका जलस्तर लगातार बढ़ने के कारण बंधों पर दबाव बना हुआ है। तटवर्ती गांवों के लोग भी सहमे हुए हैं।
करीब एक माह से सरयू नदी में सैलाब आने से राप्ती भी उफान पर है। भदिला प्रथम चारो तरफ से बाढ़ के पानी से घिरा है। वहीं परसियां-विशुनपुर देवार के 22 टोलों के अलावा कटइलवा, नौका टोला, धनया कुंड मोहाल, रामपुर, कोटवां, गोरखपुर का विस्थापित कोलखास में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बाढ़ से प्रभावित गांवों के लोगों की दुश्वारियां बढ़ गई है। जरूरत के सामानों के लिए भी लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। जान जोखिम में डाल लोग सरयू की तेज लहरों पर डगमगाती नाव से नदी पार कर रहे हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों के संजय कुमार, मंजनाथ, जगदीश, जवाहिर आदि का कहना है कि नदी का विकराल रुप और चारों तरफ पानी के कारण भोजन की समस्या बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से कोई राहत की व्यवस्था नहीं की गई है। दिहाड़ी मजदूरों की रोजी छिन गई है। जिससे उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पानी बढ़ने से फसलें डूब गईं हैं। वहीं मवेशियों के चारा का संकट बना हुआ है। एसडीएम संजीव कुमार यादव ने बताया कि हालात पर नजर रखी जा रही है। बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने के साथ सर्वे कराया जा रहा है। जिससे लोगों को सुविधा मुहैया कराया जा सके।
थाना घाट पर इंटरलाकिंग सड़क पर पहुंची सरयू
बरहज। सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से डेढ़ मीटर ऊपर 68.00 पर बह रही है। चार दिनों से जलस्तर में निरंतर 10-10 सेमी की बढ़त देखी जा रही है। नदी में उमड़े रहे सैलाब से सरयू थाना घाट का इंटरलॉकिंग सड़क डूब गई है। पटेल नगर, आजाद नगर दक्षिणी, रगरगंज, पुराना बरहज में कुछ लोगों के घरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। सड़कों पर जलभराव से नगर में लोगों का आवागमन दुरुह हो गया है। नदी के उफनाने से पानी रामजानकी मार्ग और रुद्रपुर मार्ग पर दबाव बना रहा है।
पिछले साल के मुकाबले सरयू का जलस्तर 30 सेमी नीचे है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। हमारे बंधे पूरी तरह सुरक्षित हैं। इनकी लगातार निगरानी भी की जा रही है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।- एनके जाड़िया, एक्सईएन बाढ़ खंड।
भागलपुर : सरयू खतरे के निशान से 1.08 मीटर ऊपर
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। बारिश के कारण सरयू नदी का जलस्तर आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। इससे तटबंधों पर दबाव बढ़ने लगा है।
केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के अनुसार, नदी आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। अगले 24 घंटे नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने के आसार हैं। मंगलवार को दोपहर तुर्तीपार रेगुलेटर पर नदी का जलस्तर 65.38 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 64 मीटर 30 सेंटीमीटर से 1.08 मीटर ऊपर है। तहसील प्रशासन ने भी बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए बाढ़ राहत चौकियों पर चौकसी बढ़ा दी है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार के जेई ने बताया कि आगे अयोध्या में सरयू नदी में पानी बढ़ रहा है, जिससे अभी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। अगले 24 घंटे नदी में बढ़ोतरी होती रहेगी। गेज मीटर पर निगरानी रखी जा रही है।
रुद्रपुर में गहराता जा रहा बाढ़ का संकट
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रुद्रपुर/एकौना। गोर्रा और राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर से क्षेत्र में बाढ़ का संकट बढ़ता जा रहा है। कटने के भय में दोआबा और कछार के लोग रात में बंधों की रखवाली कर रहे है। बरसात सहित कुर्ना और मझने नदी का पानी ऊफना कर दस गांवों में घुस गया है। क्षेत्र के कई स्कूलों में पानी पहुंच गया है।
मंगलवार को राप्ती और गोर्रा नदी के जलस्तर में दस-दस सेमी बढ़ोतरी हुई। नदियों की स्थिति देखकर कछार के 64 और दोआबा के 52 गांवों बाढ़ की आशंका बनी हुई है। नदी तिघरा मराछी बांध पर नीबा और भेड़ी के समीप बंधा कटने का भय बना है। यहां नदी बंधे से सट कर बह रही है। गोर्रा नदी नरायनपुर और बहोरा दलपतपुर के मकानों पर सीधे ठोकर मार रही है। मकानों में पड़ी दरार को देख उसे खाली करा दिया गया है। पानी से सचौली पटवनिया, भिरवा, छपरा, पिड़रा, पिड़हनी, सिकड़िया, गायघाट, रामपुर, सोनबह, भगवान माझा, सोनबरसा गांव में आवागमन बाधित है। क्षेत्र के सरया, पिड़रा, बभवली, बेलवा दुबौली, रतनपुर, भिरवा, नरायनपुर, पलिया, भेड़ी, गायघाट, रामपुर, इस्लामबाद स्थित प्राथमिक और जूनियर स्कूल पानी से घिरे हुए हैं। बरूथनी नदी का पानी ऊफना कर नगर की आबादी के घुस गया है। बथुआ रीवर फ्रंट पूरी तरह से जलमग्न है। सेमरौना स्थित आंगनबाड़ी और पंचायत भवन में करीब तीन फीट पानी लगा है। नदी के जलस्तर को देख एसडीएम संजीव उपाध्याय ने सिंचाई विभाग की टीम के साथ दौरा किया। उन्होंने अवर अभियंताओं को 24 घंटे बंधे की रखवाली में बने रहने का निर्देश दिया है।
कटान देख अवर अभियंता बोले, पक्का बांध बनवाने का भेजा जाएगा प्रस्ताव
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रामपुर कारखाना। ग्रामीणों की शिकायत के बाद अवर अभियंता ने कोटवा और मथुरा छापर में कटान स्थल का निरीक्षण किया। कटान की भयावहता देखकर अवर अभियंता भी सकते में आ गए। अब विभाग शासन को पक्का बांध बनाने के लिए प्रस्ताव भेजेगा।
तरकुलवा विकासखंड के कोटवां, कमधेनवा, मथुरा छापर और रामपुर कारखाना के मुंडेरा मिश्र में छोटी गंडक नदी से हो रही कटान कभी भी बड़ी तबाही ला सकती है। आलम यह है कि कोटवा के अमोलवा घाट और पोखरी एवं मथुरा छापर में प्राइमरी स्कूल के पास बंधा कभी भी कट सकता है। ग्राम प्रधान राकेश कुमार पासवान, जावेद आलम, अजय कुमार सिंह, जय प्रकाश पाल धनगर और ग्रामीणों की शिकायत के बाद अब बाढ़ खंड महकमे की नींद खुली। मंगलवार को अवर अभियंता दीपक पाल कोटवां पहुंचे। उन्होंने कटान स्थल का निरीक्षण किया। मौके पर जुटे ग्रामीणों ने उनसे जल्द से जल्द पक्के बांध का निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की। इसके बाद वह मथुरा छापर पहुंचे। दोनों गांव में छोटी गंडक नदी के कटान को देखकर वह भी सकते में आ गए। उन्होंने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। पक्का बांध बनाने के लिए शासन में जल्द ही इसका प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।