संवाद न्यूज एजेंसी भाटपार रानी। तहसील क्षेत्र के लोगों को जिला मुख्यालय जाने और आने के लिए बस की सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोगों को टुकड़ों में यात्रा करनी पड़ती है। इससे लोगों को जगह-जगह सवारी बदलने से देरी होती है। भाटपार रानी तहसील क्षेत्र के बिहार सीमा पर स्थित गांवों से जिला मुख्यालय की दूरी 60 से 65 किमी है। जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए सीधे बस की कोई सुविधा नहीं है।
बिहार सीमा पर स्थित भवानी छापर, हरेराम चौराहा, प्रतापपुर, बासोपट्टी ,रामपुर बुजुर्ग ,सोहनपुर, बंगरा आदि ऐसे सार्वजनिक स्थान है, जहां से जिला मुख्यालय जाने के लिए सीधे कोई बस की सुविधा नहीं है। दो एक स्थानों से सुबह सात बजे के लगभग एक बस जाती है और शाम को वापस आती है।
इसके लिए लोगों को भवानीछापर से भिंगारी, भाटपाररानी, सलेमपुर और देवरिया, हरेराम चौराहा से बंगरा, भाटपाररानी, सलेमपुर और देवरिया, प्रतापपुर से भाटपार रानी से होते हुए सलेमपुर और फिर देवरिया, रामपुर बुजुर्ग से सोहनपुर, सलेमपुर और यहां से देवरिया जाने के लिए जगह-जगह सवारी बदलनी पड़ती है।
पूर्व जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव, राजनारायण यादव, लक्ष्मण कुशवाहा, राजेश तिवारी, राम अवध आदि का कहना है कि आजादी के बाद आज तक उन्हें जिला और मंडल मुख्यालय जाने की कोई सीधी बस सेवा नहीं उपलब्ध है। यही हाल जिला मुख्यालय से आने में भी है। इससे उन्हें धन और समय का काफी अपव्यय करना पड़ता है। बावजूद इसके पहुंचने में देरी हो जाती है जिससे उनके सामने कई तरह की समस्याउत्पन्न हो जाती है।