नैपुर गांव के शिवशंकर हत्याकांड में दो लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई
देवरिया। मदनपुर थाना क्षेत्र के नैपुर गांव के शिवशंकर हत्याकांड में अपर जिला जज प्रथम रजनीश कुमार ने शुक्रवार को दो आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा एवं 15 हजार अर्थदंड से दंडित किया है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता मनीष सिंह सोनू के अनुसार, मदनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम नैपुर गांव निवासी इंद्रावती देवी के पुत्र शिवशंकर बाबा राघवदास भगवानदास पीजी कालेज में परिचायक थे। 4/5 सितंबर 2006 की रात दरवाजे पर सोए थे। उनके पास उनकी मां भी सोई थीं। सुबह पांच बजे गांव के रामसूचित दरवाजे पर आए और जगाकर सुर्ती बनाने को कहा। रामसूचित बातचीत के बहाने अपने दरवाजे पर लेकर गए। घर के नजदीक रामाश्रय की मकान है। शिवशंकर की रामाश्रय से पुरानी रंजिश थी। रामाश्रय, राजाराम, बंटी, सनेही वहां पहले से घात लगाकर बैठे थे। उन लोगों ने शिवशंकर को पकड़ लिया और अपने कोठे पर ले जाकर लाठी, सरिया से पिटाई करने लगे। आरोपी शिवशंकर को जीप में डालकर गांव के दक्षिण ले गए, जहां उनकी मौत हो गई। मामले में मदनपुर में केस दर्ज हुआ। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान रामाश्रय्र और राजाराम को हत्या का दोषी मानते हुए अपर जिला जज ने आजीवन कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई है।