क्षमता 533 की और बंदी 2100
जिला जेल का हाल, कुशीनगर के 1111 बंदी हैं जेल में
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिला कारागार में वर्तमान में बंदियों-कैदियों की संख्या 2100 है। इस जेल की क्षमता 533 बंदियों-कैदियों की है। संख्या बढ़ने से बंदी पूरी नींद भी नहीं ले पा रहे हैं।
देवरिया जिला जेल शहर के गांधी आश्रम परिसर में अंग्रेजों के शासन काल में थी। 1952 में नई जेल का निर्माण हुआ। इसकी क्षमता 533 बंदियों और कैदियों की है। इस समय करीब 2100 बंदी-कै दी हैं। इसमें 1111 कुशीनगर और देवरिया के 953 शामिल हैं। 38 बंदी अस्थाई जेल में हैं। चार विदेशी नागरिक है। महिला बंदियों के साथ रहने वाले पांच बच्चे भी जेल में हैं। करीब सत्तर साल पुराने बैरकों का आकार तो छोटा होने के कारण और क्षमता से चार गुना अधिक बंदियों को रखे जाने से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बैरकों में सोते समय बंदी व कैदी को जगह न मिलने पर आपस में बहस कर देते है।
कुशीनगर जिले में बने जेल तो मिल जाए सहूलियत
जिला में क्षमता से अधिक कैदियों और बंदियों के होने का सबसे बड़ा कारण कुशीनगर जनपद में जेल का निर्माण अधूरा होना है। जेल के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो देवरिया से अधिक कुशीनगर जनपद के बंदी और कैदी हैं। इस कारण जेल की बैरक भरी हुई है। अगर कुशीनगर जेल का निर्माण हो जाए तो काफी हद तक सहूलियत मिल जाएगी।
जेल में क्षमता से अधिक कैदी और बंदी हैं। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह है कि दो जनपदों के अलावा प्रशासनिक आधार पर गैर जिलों से यहां बंदी आएं हैं। इसके बावजूद भी उपलब्ध संसाधनों से बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है।
- राजकुमार, प्रभारी जेल अधीक्षक