मौके पर मौजूद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसकी सूचना होने पर भारी संख्या में पुलिस पहुंच गई और सीएमओ पहुंचे। इस पर उन्होंने डॉक्टरों को बुलाया और इमरजेंसी में इलाज शुरू कराया।
देवरिया कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद इमरजेंसी के फार्मासिस्ट ने सोमवार की रात में कार्य बहिष्कार कर दिया। जिसके चलते रात में एक घायल वृद्ध के इलाज के अभाव में मौत हो गई। घटना से नाराज लोगों ने इमरजेंसी पर हंगामा खड़ा कर दिया। घटना की जानकारी होने पर पुलिस पहुंच गई और मामले को शांत कराई।
विज्ञापन
शहर के गोरखपुर रोड निवासी रामेश्वर 65 वर्ष को नौ बजे घर से कुछ दूरी पर स्कूटी से ठोकर में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल को लेकर परिजन अस्पताल की इमरजेंसी वॉर्ड में पहुंचे। जहां पर इलाज के लिए डॉक्टर नहीं था और न ही फार्मासिस्ट मौजूद रहे। इसके चलते करीब 40 मिनट तक वह बेड पर तड़पते रहे।
इलाज के अभाव में उनकी मौत हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। इसकी सूचना होने पर भारी संख्या में पुलिस पहुंच गई और सीएमओ पहुंचे। इस पर उन्होंने डॉक्टरों को बुलाया और इमरजेंसी में इलाज शुरू कराया।
विज्ञापन
मृतक के पुत्र संतोष का आरोप है कि काफी देर तक इलाज के अभाव में पिता तड़पते रहे, लेकिन कोई डॉक्टर और फार्मासिस्ट इमरजेंसी में नहीं था। दूसरी तरफ चर्चा है कि जिस फार्मासिस्ट के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज हुआ था, उसी की ड्यूटी सोमवार की रात की शिफ्ट में थी। स्वास्थ्य महकमे ने उनकी जगह पर किसी अन्य की ड्यूटी नहीं लगाई थी। इसके चलते अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।