देवरिया जिले के तरकुलवा थाना क्षेत्र के बरईपट्टी गांव निवासी जुनैद आलम (22) पुत्र अब्दुल हक की हैदराबाद में हादसे में मौत हो गई। करीब चार माह पूर्व वह हाइड्रा मशीन चलाने का काम सीखने के सिलसिले में वहां गया था। सूचना मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया।
परिवार की माली हालत सुधारने के लिए जुनैद एक साल पूर्व रोजगार के सिलसिले में नासिक गया था। वहां एक प्राइवेट फैक्टरी में काम करने लगा। इस बीच उसकी मुलाकात एक ठेकेदार से हो गई। जिसके सहयोग से वह चार माह पूर्व हाइड्रा मशीन चलाने का काम सीखने हैदराबाद चला गया।
रविवार को वह हाइड्रा मशीन की साफ-सफाई कर रहा था। अचानक मशीन पीछे की तरफ ढलान की ओर जाने लगी। वह मशीन को पीछे से रोकने लगा। इस दौरान पीछे खड़े ट्रक और हाइड्रा मशीन के बीच में दब गया। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना मिलने पर परिवार और गांव वालों में कोहराम मच गया। मृत युवक के बड़े भाई महबूब आलम की दो साल पूर्व मुंबई में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। घर की माली हालत खराब होने के चलते पिता मूंगफली बेंच कर घर-परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
कमाऊ पूत की मौत से परिवार के लोग सदमे में है। सोमवार देर रात में शव के घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पिता अब्दुल हक, माता आशियां खातून, भाई जुबैर आलम एवं शहीदे आजम दहाड़े मारकर रोने लगे। जिसे देखकर समूचे गांव में मातम फैल गया। रात में ही गांव के कब्रिस्तान में मिट्टी दी गई ।