दस केंद्रों पर 26 से होगी सीबीएसई टर्म दो की परीक्षा
देवरिया। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की टर्म दो की परीक्षा 26 अप्रैल से जिले के 10 केंद्रों पर होगी। पिछली बार आई शिकायतों को देखते हुए इस बार दो नए केंद्र बनाए गए हैं। इस बार हाईस्कूल में 5373 एवं इंटर में 3444 परीक्षार्थी शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्राध्यक्षों ने एसपी को पत्र दिया है। इस बार परीक्षार्थियों को पेपर पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
जिले में सीबीएसई से वर्तमान में 47 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। नवंबर में हुई सीबीएसई की टर्म एक में जनपद में 18 सेंटर बने थे। जबकि 26 अप्रैल से 15 जून तक होने वाली टर्म-दो की परीक्षा के लिए दस सेंटर बनाए गए हैं। लाट एक के तहत सभी विषयों के प्रश्न पत्र बैंक में आ भी गए हैं। हर विद्यालय का अलग-अलग सेंटर गया हुआ है। 10 केंद्रों को परीक्षा के नए गाइड लाइन से भलीभांति अवगत करा दिया गया है। बैंक से पेपर आने पर व्यवस्थापक छात्रों के सामने ही इस पैकेट को खोलेंगे, इस बार यह नई व्यवस्था की गई है। 26 अप्रैल को 10 वीं के माइनर पेपर के तहत पेंटिंग व कुछ अन्य विषय के प्रश्न पत्र होंगे, जिले में इसके परीक्षार्थी कम संख्या में हैं। महत्वपूर्ण विषयों की परीक्षा 27 अप्रैल से नियमित प्रारंभ हो जाएगी। हर केंद्र पर सुरक्षा व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है। सेंट्रल एकेडमी की प्रधानाचार्य प्रतिमा मिश्रा ने बताया कि सीबीएसई टर्म दो के परीक्षा की तैयारियां अंतिम दौर में है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए एसपी को पत्र लिखा गया है।
जिले के इन विद्यालयों को बनाया गया है केंद्र
सरस्वती वरिष्ठ माध्यमिक विद्या मंदिर, देवरिया सीनियर सेकेंडरी, सेंट्रल एकेडमी, नवजीवन मिशन सोनूघाट, पीडी एकेडमी देवरिया, गुरुकुल मिशन, केंद्रीय विद्यालय चेरो, सेंट जेवियर्स स्कूल सलेमपुर, सेंट पाल स्कूल सलेमपुर, सेंट जोसेफ भाटपाररानी
परीक्षा के दौरान सभी केंद्राध्यक्षों को कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा। एक कक्ष मेें अधिकतम 18 छात्र व दो कक्ष निरीक्षक ही रहेंगे। पेपर का समय सुबह 10 से 11:30 बजे तक है। परीक्षार्थी को प्रश्नपत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। -वीके शुक्ला, जिला समन्वयक सीबीएसई
परीक्षार्थी परीक्षा के मामले में बिल्कुल दबाव में न आएं। कोई संशय हो तो पुन: पुस्तक या किसी शिक्षक की मदद ले सकते हैं। इस वक्त अभिभावकों की भी जिम्मेदारी है कि घर के माहौल को सकारात्मक रखें। अपने पाल्यों की तुलना दूसरों के बच्चों के साथ तो बिल्कुल न करें। परीक्षार्थी को हमेशा प्रोत्साहित करते रहें, ताकि वह बेहतर माहौल में अपनी तैयारी कर सके। -डॉ. नाजिश बानो, मनोवैज्ञानिक