आंबेडकर प्रतिमा रखने पर दो पक्षों में तकरार
बरहज। क्षेत्र के बढ़या हरदो गांव में बुधवार को डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा लगाए जाने पर दो पक्षों में विवाद हो गया। जानकारी होने पर पुलिसकर्मी और अधिकारी मौके पर पहुंच गए। गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। प्रशासन ने प्रतिमा हटवाते हुए सरकारी जमीन पर प्रस्ताव कराकर उसे लगवाने के निर्देश दिए। इस मामले में पुलिस ने 15 लोगों को शांति भंग में पाबंद किया है।
सुबह नौ बजे बढ़या हरदो गांव के कुछ लोग एक ट्यूूबवेल के निकट प्रतिमा स्थापित करा रहे थे। सुनील श्रीवास्तव वहां निजी जमीन बताते हुए प्रतिमा रखने से मना करने लगे। किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। जानकारी होने पर एसडीएम ध्रुव शुक्ल, तहसीलदार मिश्री सिंह चौहान, सीओ देवआनंद, इंस्पेेक्टर टीजे सिंह मय फोर्स मौके पर पहुंच गए। घंटों जद्दोजहद के बाद प्रशासन ने उस जगह पर लगी प्रतिमा को हटवाते हुए सरकारी जमीन पर प्रस्ताव कराकर लगवाने के लिए कहा।
हालांकि एक पक्ष प्रतिमा को लगवाने के लिए जोर दे रहा था। वहीं सुनील श्रीवास्तव निजी जमीन का हवाला दे रहे थे। एसडीएम ध्रुव शुक्ल ने कहा कि जमीन का चिह्नांकन कराकर प्रतिमा लगवाई जाएगी। फिलहाल तनातनी को देखते हुए प्रतिमा हटवा दी गई है। मौके पर लेखपाल चंद्रशेखर, एसएसआई सुभाष चंद्र पांडेय, श्रीप्रकाश, वीरेंद्र मौर्य, सुनील कुुशवाहा, अमरनाथ सोनकर, अखिलेश कुमार, कशिश, स्नेहा मौर्य आदि मौजूद रहे।
इंस्पेक्टर टीजे सिंह ने बताया कि प्रकरण में गांव के ही चुन्नू, राधेश्याम, नेबूलाल, पार्वती देवी, लक्ष्मीना, फूलमती, चंदा देवी सहित 15 लोगों को शांति भंग में पाबंद किया गया है।