उत्तर प्रदेश के लखनऊ में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे सादिक ने एक बार फिर रमजान व ईद की तिथि की घोषणा कर दी है। मौलाना सादिक के मुताबिक इस बार रमजान का पहला रोजा 11 जुलाई को होगा और ईद 9 अगस्त को मनाई जाएगी।
आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष शिया धर्मगुरु मौलाना डा. कल्बे सादिक ने शनिवार को रमजान के चांद के पूर्व ही रमजान की तिथि की घोषणा करते हुए कहा है कि इस बार ईद उल फित्र का त्योहार नौ अगस्त को मनाया जाएगा।
मौलाना सादिक का कहना है कि विज्ञान के युग में चांद को लेकर विवाद में उलझने से बेहतर है कि मुसलमान विज्ञान का सहारा लें।
मौलाना ने बताया कि अगर मौसम ठीक रहा और चांद की पुष्टि हो गई तो 10 जुलाई को पहला रोजा होगा। वरना तीस का चांद मानकर 11 जुलाई को पहला रोजा रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि यह घोषणा लंदन व ईरान से पुष्टि मिलने के बाद की जाती है।
मौलाना आगा रूही व अन्य शिया उलमा ने भी चांद को लेकर शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे सादिक के ऐलान का समर्थन किया है।
उधर, ईदगाह इमाम मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली का कहना है कि चांद देख कर ही रमजान का पहला रोजा तय होगा। ईद भी चांद के मुताबिक की तय की जाएगी।
मौलाना खालिद ने मौलाना सादिक के ऐलान पर किसी तरह की प्रतिक्रिया देने से मना करते हुए कहा कि मुसलमान चांद देख कर रोजा रखेगा व ईद मनाएगा।
वहीं, शहर काजी अबुल इरफान मियां फरंगी महली ने कहा है कि चांद देख कर रमजान व ईद मनाने के अलावा भी मुसलमानों को अन्य सुविधाओं के सहारा लेने से कोई नुकसान नहीं है।