चित्रकूट। सदर कोतवाली क्षेत्र के आंबेडकर नगर मोहल्ले में सोमवार सुबह निर्माणाधीन मकान के लिए सरिया काट कर जाल बनाते एक सरिया हाईटेंशन लाइन से छू गई। करंट से तीन मजदूर झुलस गए। जिला अस्पताल पहुंचते-पहुंचते एक की मौत हो गई। एक मजदूर को रेफर कर दिया गया जबकि एक का इलाज किया जा रहा है।
कलक्ट्रेट मार्ग से सटे आंबेडकर नगर मोहल्ले में सोमवार को एक प्रधान का मकान बन रहा था। ठेकेदार के माध्यम से कुलीतलैया व तेजीपुर के मजदूर काम पर लगे थे। सुबह लगभग साढ़े ग्यारह बजे लोहे का जाल बनाने के लिए सरिया काटकर लिंटर में पहुंचाने के दौरान वहां से गुजरी हाईटेंशन विद्युत तार में सरिया छू गई।
इससे मजदूर विकास (20) पुत्र सिद्धू चपेट में आ गया। मजदूर जितेंद्र व मनोज कुशवाहा ने विकास को मुक्त कराने का प्रयास किया तो वह भी करंट की चपेट में आ गए। यह देख अफरातफरी मच गई। कार्य कर रहे अन्य सात मजदूर डर से दूर खडे़ हो गए। बाद में किसी तरह हिम्मत कर तीनों मजदूरों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
वहां डाक्टरों ने विकास को मृत घोषित कर दिया। गंभीर दशा के चलते जितेंद्र को रेफर किया गया। परिजन उसे इलाज के लिए सतना ले गए। मनोज कुशवाहा को जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया। इधर, हादसे की जानकारी होते ही मजदूर के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
विकास को तड़पता देख दोस्तों ने जोखिम में डाली जान
चित्रकूट। आंबेडकर नगर मोहल्ले में एक प्रधान का भवन ठेके पर बन रहा है। ठेकेदार ने सभी मजदूर तेजीपुर, कुली तलैया, सोनेपुर से बुलाए हैं। मजदूर विकास, जितेंद्र व मनोज आपस में अच्छे दोस्त थे। ठेकेदार के भरोसेमंद होने के कारण हर जगह तीनों को प्राथमिकता मिलती थी। सोमवार को कुल 11 मजदूर काम कर रहे थे लेकिन लोहे की सरिया को काटकर उसे छत पर चढ़ाने का काम यही तीनों मिल कर कर रहे थे।
कुछ ही दूरी पर तीन अन्य मजदूर मौजूद थे। जैसे ही विकास को करंट लगा तो वह तीनों मजदूर चिल्लाते हुए दूर भागे जबकि जितेंद्र व मनोज ने अपने दोस्त को बचाने के लिए खुद की जान जोखिम में डाल दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लोहे की सरिया छत के ऊपर से गुजरी हाईटेंशन तार में छू रही थी लेकिन उसे हटाने की बजाय जितेंद्र व मनोज ने अपने साथी विकास को बचाने का प्रयास किया। जिससे वह भी झुलस गए। विकास चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। मां मैना देवी बेहाल हो गई हैं। दो मई को विकास की शादी पहाड़ी थाना क्षेत्र के रइया गांव में होनी थी।
पाइप के बीच खुला था कुछ हिस्सा
हाईटेंशन की तीन तार वहां से गुजरी हैं। जो घरों की छतों को छूती हुई गईं हैं। मकान मालिकों ने छत छोटी कराने की बजाय इन तारों में सुरक्षा के लिए प्लास्टिक के पाइप चढ़वाए हैं। जिस स्थान पर लोहे की सरिया छू गई थी वहां भी पाइप लगा था लेकिन दो पाइप के बीच ज्वाइंट में कुछ हिस्सा खुला होने से हादसा हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बिजली विभाग के अधिकारियों से तारों को बस्ती से हटवाने की मांग कई बार की लेकिन तारें नहीं हटाई गईं।
करंट लगने से मजदूर की मौत के बाद रोते बिलखते परिजन । संवाद- फोटो : CHITRAKOOT