चित्रकूट। शनिवार की देर शाम अंधेरा होने तक चले डाकू गौरी यादव के पोस्टमार्टम के बाद पुलिस टीम ने जिला मुख्यालय के ही मंदाकिनी किनारे घाट में उसका अंतिम संस्कार करने को पहुंची। रात होने के कारण परिजनों ने हिंदू धर्म की मान्यता को लेकर रविवार की सुबह अग्निदाह करने की जिद की। इसे लेकर काफी देर तक नदी किनारे तनाव की स्थिति बनी रही लेकिन पुलिस टीम ने कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए अपनी मौजूदगी में वहीं अंतिम संस्कार कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं मिली है लेकिन संभावना जताई गई है कि डाकू के शरीर में तीन या इससे अधिक गोली लगी हैं।
शहर कोतवाल राजीव सिंह ने बताया कि परिजनों की मौजूदगी में नदी किनारे डाकू गौरी का अंतिम संस्कार कराया गया है।
पेड़ में नहीं दिखे गोली के निशान
मानिकपुर। बहिलपुरवा थाना क्षेत्र के माड़ो बांध के पास डाकू गौरी यादव का मुठभेड़ में एसटीएफ ने खात्मा किया तो उसका शव एक पेेड़ के पास मिला। जमीन पर खून तो पडा था लेकिन पेड में गोली लगने के निशान नहीं दिखे। एसटीएफ ने जिस स्थान पर आग तापने का जिक्र किया वहां दोपहर तक आग सुलगती रही। रात में इसी आग की रोशनी से ही एसटीएफ की टीम को गैंग की मौजूदगी की पुष्टि हुई। आग की लौ से ही एसटीएफ टीम ने असलहाधारियों की मौजूदगी देखी थी। संवाद