मानिकपुर। कस्बा के पास स्थित काली घाटी पर चल रही ढोका की खदान में अवैध खनन किया जा रहा है। दिन भर मजदूर अवैध रूप से पत्थर तोड़ते है। रात को ट्रक भर ले जाते है। जो मांग के मुताबिक बाजार में पत्थरों को बेचने का कार्य करते है। जिससे खनन माफिया माला माल हो रहे है। वहीं स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि जानकारी के बावजूद स्थानीय अधिकारी मौन रहते हैं।
मानिकपुर कस्बा स्थित काली घाटी में इस समय अवैध रूप से पत्थर तोड़ान का कार्य हो रहा है। ढोका की बिक्री बाजार में मांग के अनुसार की जाती है। एक ढोका मजदूर से 3 रुपये से खरीद कर आठ रुपये 10 रुपये में बेचते है। जिससे राजस्व का लाखों का रुपये महीने का नुकसान होता है।
काली घाट में तीन से चार ट्रक खड़े रहते है। समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता सीताराम द्विवेदी ने बताया कि प्रशासन की मदद से काली घाटी के पार्क पहाड़ से झिंनी खदान के आस पास सरैंया गोशाला के पास कोल कालोनी के नीचे नाले के पास खनन किया जा रहा है। वही मानिकपुर एसडीएम प्रमेश श्रीवास्तव ने बताया कि खनन करने की बात तो सुनने में आती है लेकिन मौके पर जाने पर कोई मिलता नहीं है।
सीओ सिटी शीतला प्रसाद पांडेय व खनिज अधिकारी सन्नी कौशल ने शनिवार को ट्राफिक चौराहे में चेकिंग अभियान चलाया। जिसमें दो ट्रक ओवर लोड व एक बिना रवन्ना के पकड़े गये। इन तीनों ट्रकों को सीज कर दिया गया। यही पर बाइक सवार दो युवक निगरारी कर रहे थे। वह भरतकूप की तरफ से आने वाले ट्रकों को चेकिंग से बचाने के लिए लोकेशन पहुंचा रहे थे। शंका होने पर दोनो को पकडने का प्रयास किया गया लेकिन तबतक वह भाग गये।
मानकविहीन क्रेशर से बरबाद हो रही फसल
भरतकूप थाना क्षेत्र के रौली कल्याणपुर के मजरा वजनी पुरवा के राजकिशोर व राजकुमार पुत्र रामआसरे ने एसपी को लिखे पत्र में कहा कि कृषि योग्य भूमि में फसल बोई है। बगल में क्रेशर स्टोन मिल है। जिसके मालिक दबंग किस्म के है।
क्रशर मिल के आसपास कोई वृक्ष नहीं है न ही पानी का छिड़काव करते हैं। जिससे प्रदूषण फैल रहा है। पांच सौ मीटर दूरी पर विद्यालय है। डस्ट (धूल) से बच्चे बीमार हो रहे है। पीड़ित ने जांच कराकर कार्यवाही की मांग की है।