फोटो-2- बड़ी देर बाद मिली एक बोरी खाद को सिर पर रखकर ले जाता किसान । संवाद
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चित्रकूट। जहां पर्याप्त मात्रा में डीएपी उपलब्ध होने की बात कहीं जा रही है, वहीं किल्लत होने से किसान परेशान है। अधिकतर सहकारी समितियों में केवल यूरिया खाद ही मिल रही है। जबकि डीएपी के लिए हर बार किसानों को यह कहकर आश्वासन दिया जाता है कि दो-तीन दिनों के अंदर रैक आने वाली है। डीएपी की रैक आते ही खाद का वितरण कर दिया जाएगा।
रबी की फसल में डीएपी की अधिक मांग होने पर प्रशासन ने 36 सौ मैट्रिक टन से अधिक खाद जिले में मंगवाई। इसके बाद भी मांग के चलते किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले सहकारी समितियों की हड़ताल होने के कारण समस्या रही। अब अधिकतर समितियों में खाद ही उपलब्ध नहीं है। जिससे किसान जिला मुख्यालय के चक्कर लगाते रहते हैं।
गल्ला मंडी स्थित इफ्को के केंद्र में किसानों की भारी भीड़ डीएपी लेने के लिए घंटों इंतजार करती रहती है। कई बार पुलिस की मौजूदगी में खाद का वितरण कराना पड़ता है। किसान राजेश द्विवेदी, महेश प्रसाद, अरुण सिंह आदि ने बताया कि गेहूं की फसल की बुवाई हो गई है।
अब डीएपी की जरूरत है, लेकिन खाद नहीं मिल रही है। कहा जा रहा है एक दो दिन में रैक आने पर खाद का वितरण किया जाएगा। खाद्य विपणन अधिकारी संजय श्रीवास्तव कहना कि सभी किसानों खाद का वितरण कराने का प्रयास किया जा रहा है।