मानिकपुर/भरतकूप। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति आठ से दस घंटे बाधित रहती है। कभी-कभी तो पूरी रात बिजली गुल रहने से लोगों की नींद हराम हो जाती है। बिजली न होने नलकूप न चलने से पेयजल गहरा गया है। यह हाल मानिकपुर से लेकर बरगढ और भरतकूप तक का है।
मानिकपुर कस्बे सहित क्षेत्र के गांवों में बिजली आपूर्ति तीन दिनों से लड़खड़ाई है। दिन में चार से पांच बार बिजली की आपूर्ति बाधित रहती है। यही हाल रात का भी रहता है। बिजली आने-जाने का कोई समय नहीं है।
तीन दिन से हालत यह हैं कि आठ से दस घंटे बिजली की आपूर्ति नहीं होती। मानिकपुर क्षेत्र के मारकुंडी गांव के भोला द्विवेदी, राकेश तिवारी, महेश सिंह, मानिकपुर कस्बे के रोहित तिवारी, मोहन लाल, सुरेश ने बताया कि बिजली की आपूर्ति कम होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल का संकट भी खड़ा हो जाता है।
भरतकूप से जुडे़ करीब 24 गांव का भी यही हाल है। ग्रामीण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि बिजली की शिकायत करने के लिए फोन करते हैं तो विभागीय अधिकारी और कर्मचारी फोन नहीं उठाते। यदि फोन उठाया भी तो समस्या का समाधान जल्द नहीं कराते हैं। विद्युत विभाग के अधिशाषी अभियंता रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि विद्युत उपकरण खराब होने से आपूर्ति बाधित होती है। इसे सही कर आपूर्ति शुरू कर दी जाती है।