उत्तर प्रदेश में पोलियो ड्रॉप पीने के दो घंटे के बाद ही एक नवजात बच्ची की मौत हो गई। बुधवार को पोलियो ड्राप पीने के कुछ देर बाद ही नवजात बच्ची की हालत बिगड़ गई थी।
परिजनों ने उसे नजदीक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। हालत नाजुक होने पर ऑक्सीजन लगाकर बच्ची को जिला अस्पताल लाया गया। वहां पहुंचते ही बच्ची को लगा ऑक्सीजन समाप्त हो गया।
वहां वार्ड नंबर एक में भर्ती एक वृद्धा ने अपना ऑक्सीजन उस बच्ची को लगवा दिया। हालांकि बच्ची को बचाया नहीं जा सका और ऑक्सीजन की कमी के कारण वृद्धा की भी मौत हो गई।
वाकया उन्नाव जिले के गंगाघाट थानाक्षेत्र के मोहल्ला गंगानगर का है। यहां रहने वाले सोनू द्विवेदी की दिन की नवजात बच्ची अनन्या को पोलियो टीम ने दवा पिलाई। दवा पिलाने के 2 घंटे बाद ही हालत बिगड़ने लगी।
परिजन लेकर उसे पीएचसी पहुंचे। पीएचसी प्रभारी डॉ. आशुतोष वार्ष्णेय ने हालत नाजुक बताई और ऑक्सीजन लगा दिया। बच्ची को एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। अस्पताल पहुंचते ही बच्ची के लगा ऑक्सीजन समाप्त हो गया।
इसके बाद दूसरी महिला का ऑक्सीजन मास्क हटाकर बच्ची को लगाया गया लेकिन बच्ची को बचाया न जा सका।
11 बजे पिलाई थी पोलियो ड्राप
सोनू द्विवेदी ने बताया कि बुधवार को एनएमए (नॉन मेडिकल असिस्टेंट) सभाजीत के नेतृत्व में पोलियो टीम आई हुई थी। सुबह लगभग 11 बजे बच्ची को दवा पिलाई गई। उसके थोड़ी देर बाद दूध पाउडर पिलाया गया।
दूध पिलाने के बाद बच्ची को सुला दिया गया। एक घंटे बाद जब बच्ची ने कोई हरकत नहीं की तो शंका होने पर हिलाया गया। कोई प्रतिक्रिया समझ में न आई। जिस पर पीएचसी में लाकर दिखाया गया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल लाया गया।
ऑक्सीजन ख्ात्म होने की नहीं दी जानकारी
सोनू द्विवेदी ने बताया कि अनन्या को जो ऑक्सीजन वहां लगाया गया था उसमें गैस ही नहीं थी। जिला अस्पताल लाने पर दूसरा सिलेंडर नहीं मिला जिस पर एक वृद्ध महिला ने अपना ऑक्सीजन निकलवाकर बच्ची को लगवाया।
उसी ड्रॉप से 18 बच्चों को पिलाई गई दवा
पीएचसी प्रभारी आशुतोष वार्ष्णेय ने बताया कि जिस ड्रॉप से अनन्या को दवा पिलाई गई उसी से 18 अन्य बच्चों को भी दवा पिलाई गई थी। लेकिन सिर्फ अनन्या को ही यह दिक्कत क्यों आई समझ से बाहर है।
बच्ची का होगा पोस्टमार्टम
सीएमओ डॉ. डीपी मिश्रा ने बताया कि बच्ची का पोस्टामार्टम कराया जाएगा। बच्ची की मौत पोलिया की दवा पीने से हुई है या फिर पाउडर दूध पीने से यह तो पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा। जिस ड्रॉप से बच्ची को दवा पिलाई गई थी उसको भी सील कर दिया गया है।