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चंदौलीः पौधरोपण के नाम पर की गई खानापूर्ति, ग्रो बैग में ही रखे निकल गई हजारों पौधों की जान

Sun, 08 Aug 2021 05:41 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क,चंदौली

सार

सदर कोतवाली परिसर में सैकड़ों पौधे ग्रो बैग में ही रखे-रखे सूख गए। इन्हें रोपने की बजाय परिसर के पीछे सूखने के लिए फेंक दिया गया है। इसके बगल से गुजरने वाले जिम्मेदारों को अपनी गलती का एहसास तक नहीं है।
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पौधरोपण के नाम पर की गई खानापूर्ति, सामने आई विभागों की लापरवाही - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंदौली जिले में बृहद पौधरोपण अभियान चलाकर कागज पर लाखों पौधों के लगाने का दावा कागजों पर ही रह गया। हकीकत यह है विभागों को रोपण के लिए दिए गए हजारों पौधे ग्रो बैग में ही रखे-रखे सूख गए। जिले के कई विभागों, थानों, चौराहे और लोगों के घरों में हजारों पौधे ग्रो बैग में ही कूड़े की तरह फेंके दिखे, उनमें से ज्यादातर सूख कर खत्म हो चुके थे। ऐसे में पौधरोपण अभियान के नाम पर महज खानापूर्ति की गई।

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चार जुलाई से जिलाधिकारी ने जिले में पौधरोपण अभियान की शुरुआत की। उस एक दिन में 39.26 लाख पौधे लगाए गए। जिले में  49.13 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य था। इसमें वन विभाग 27.12 लाख, पर्यावरण विभाग 3. 01 लाख, ग्राम्य विकास 11.25, लाख राजस्व 1.28, पंचायती राज 1.28, कृषि विभाग 2.15 व उद्यान विभाग 1.42 लाख सहित कुल 24 विभागों को पौधे लगाने की जिम्मेदारी दी गई थी।

वहीं पुलिस विभाग को सभी थानों और परिसर के खाली जगहों पर 21 हजार पौधे लगाने थे। पौधा लगाने के बाद विभागों ने वन विभाग को सूची भी उपलब्ध करा दी। जिसकी जिओ टैगिंग भी हो रही है। ताकि पौधे के उचित रख रखाव के लिए मानिटरिंग हो सकें। लेकिन अभियान सिर्फ कागजों तक ही रह गया।

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सदर कोतवाली परिसर में सैकड़ों पौधे ग्रो बैग में ही रखे-रखे सूख गए। इन्हें रोपने की बजाय परिसर के पीछे सूखने के लिए फेंक दिया गया है। इसके बगल से गुजरने वाले जिम्मेदारों को अपनी गलती का एहसास तक नहीं है। अगर ये पौधे कहीं लगे होते तो जीवित होते, पर प्रशासन की लापरवाही की वजह से ये सूखकर खत्म हो रहे हैं।

नोडल अफसर व एसपी अनिल कुमार ने बताया कि  पौधरोपण अभियान को गति देने के लिए सभी थाना परिसर और खाली जगहों पर पौधे लगाए गए हैं। पौधों की देखभाल थाना स्तर से होती है। अगर सदर कोतवाली पुलिस ने पौधरोपण अभियान में लापरवाही की है तो इसकी जांच कराई जाएगी।

चंदौली जिलाधिकारी संजीव सिंह ने कहा कि  पहले ही निर्देश दिए गए थे कि पौधे सूखने न पाए। अगर ग्रो बैग में ही पौधे सूख गए हैं और उन्हें लगाया नहीं गया तो यह बड़ी लापरवाही है। जांचकर इसपर निश्चित कार्रवाई की जाएगी। 

पानी टंकी के नीचे दफन हो रहे दो सौ से ज्यादा पौधे

ग्रो बैग में रखे निकल गई हजारों पौधों की जान - फोटो : अमर उजाला
पीडीडीयू नगर स्थित शाहकुटी पानी टंकी के नीचे दो सौ से ज्यादा पौधे ग्रो बैग में कूड़े की तरह पड़े हुए हैं। उन्हें पूछने वाला भी कोई नहीं है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर पालिका को जो पौधे लगाने के लिए मिले थे ये वहीं है। उन्हें लगाने के बजाय यहां फेंक दिया गया है। सैकड़ों पौधेे टंकी के नीचे दफन हो रहे हैं, सूख रहे हैं और जिम्मेदार जान कर अनजान बने हुए हैं।

चकिया तिराहे पर कूड़े के ढ़ेर में पड़े ग्रो बैग सहित सूखे पौधे

चकिया तिराहे पर कूड़े के पास ग्रो बैग में फेंके हुए सैकड़ों पौधे दिखे। इन पौधों में ज्यादातर सूख कर समाप्त हो चुके थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि इन पौधों को लगा न पाने की वजह से किसी ने यहां फेंक दिया है। वहीं कुछ लोगों ने बताया कि जिन विभागों में ये पौधे पड़े थे उसे एक नर्सरी वाला चौराहे पर ले आया। इसके ग्रो बैग की मिट्टी काफी उर्वरा होती है। इसमें वह नर्सरी तैयार करेगा।
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डीएम के नाम पर लगाए गए पौधे का नहीं बचा नामोनिशान

 जिले के प्रभारी मंत्री रमाशंकर सिंह पटेल 26 जुलाई को जिले के भ्रमण पर थे। इस दौरान उन्होंने नियामताबाद ब्लॉक परिसर का भ्रमण किया और परिसर में पौधरोपण भी किया। परिसर में प्रभारी मंत्री, स्थानीय विधायक साधना सिंह और जिलाधिकारी संजीव सिंह के नाम से तीन पौधे लगाए गए। हालांकि इस दौरान डीएम मौजूद नहीं थे। लेकिन मात्र 10 दिन के अंदर ही उस पौधे का नामोनिशान ही नहीं बचा है। ट्री गार्ड के अंदर खाली दिख रहा है। पौधरोपण अभियान के शुरुआत में ही डीएम ने कहा था कि लगाए गए कोई पौधे सूखे तो जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाएगी पर विडंबना की उनके नाम का ही पौधा आज सूख गया है।
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