पीडीडीयू नगर। जिले के खेतों में इस समय गेहूं की पककर तैयार फसल बिजली विभाग की लापरवाही से जलकर खाक में मिल रही है। इस वर्ष अब तक जिले के 15 स्थानों पर गेहूं के खेतों में आग लग चुकी है जिसमें करीब 300 बीघा खेत की फसल स्वाहा हो चुकी है। खेतों के ऊपर से गुजरे हाइटेंशन तारों में शार्ट सर्किट होने के बाद निकली चिंगारी से आग लग चुकी है। अगलगी की कई घटनाओं के बाद बिजली विभाग ने उन इलाकों में सुबह के नौ से शाम के छह बजे तक कटौती आरंभ की है जहां खेतों के ऊपर से हाईटेंशन या बिजली के अन्य तार गुजरे हैं। पिछले वर्ष जिले में 29 जगहों पर शॉर्ट शर्किट और टूटकर गिरे तारों से 50 एकड़ गेहूं की फसल राख हो गई थी। इसके बाद भी विभाग नहीं चेता है। कई स्थानों पर बिजली के तार पहले की तरह खेतों में लटक रहे हैं। जिले की 80 फीसद आबादी कृषि से जुड़ी हुई है। यहां धान के अलावा बड़े पैमाने पर गेहूं की भी खेती होती है। खेती के लिए किसान जी तोड़ मेहनत करते हैं लेकिन हर वर्ष बिजली विभाग की लापरवाही से एक पल में उनकी पूरे साल की मेहनत खाक में मिल जाती है। खेतों से गुजरे बिजली के जर्जर तार गर्म होकर खेत में गिर जाते हैं या शॉर्ट सर्किट से आग लग जाती है जिससे सैकड़ों एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो जाती है। अग्निशमन विभाग के अनुसार जिले में पिछले वर्ष कुल 29 जगहों पर खेतों में बिजली के तार से आग लगी और 50 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हुई। वहीं 42 स्थानों पर पुआल जल गए थे। पिछले वर्ष हुई घटनाओं के बाद भी बिजली विभाग नहीं चेता है और इन जर्जर तारों को दुरुस्त व ऊपर नहीं किया गया है। इससे इस वर्ष भी अगलगी की घटनाएं होने लगी हैं।
शार्ट सर्किट के बाद निकली चिंगारी से 20 बीघा फसल राख
कमालपुर। धीना थाना के माधोपुर गांव में विगत सोमवार की दोपहर में बिजली के तार पर चिड़िया बैठ गई। इससे दो तार आपस में सटने लगे। तारों में शार्ट सर्किट के बाद निकली चिंगारी गेहूं की फसल पर गिरने लगी। इससे तैयार हो चुकी गेहूं की फसल में आग लग गई । देखते ही देखते आग की चपेट में आने से 20 बीघा गेहूं की फसल राख हो गई। खेतों में लगी आग को बुझाने के प्रयास में दो किसान गंभीर रूप से झुलस भी गए।
सिंकदरपुर, माधोपुर और कंदवा में भी बिजली से लगी आग
पीडीडीयू नगर। चकिया विकासखंड के सिंकदरपुर गांव में बिजली के लटके तारों से हुए शॉर्ट सर्किट से 32 बीघा फसल जलकर राख हो गई थी। माधोपुर में भी तार से निकली चिंगारी से 20 बीघा और कंदवा में सौ बीघा फसल जल गई थी। लेकिन इसके बाद भी विभाग कटौती छोड़कर जर्जर तारों आदि को सीधा करने और बदलने की व्यवस्था नहीं कर रहा है।