पीडीडीयू नगर। संचारी रोग को फैलने से रोकने के लिए शासन द्वारा क्षेत्र में साफ-सफाई व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था किये जाने के लिए नगर निकायों को निर्देशित किया गया है। खासतौर पर शहरी क्षेत्र में पड़ने वाली मलिन बस्तियों में ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव के निर्देश दिये गये हैं। इसके बावजूद पीडीडीयू नगर स्थित मलिन बस्तियों की स्थिति काफी बदतर है। न तो वहां ठीक से सफाई होती है और न ही ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जाता है।
शासन संचारी रोगों पर नियंत्रण के लिए साफ-सफाई पर जोर दे रहा है। इसके लिए निकायों को पत्र भी जारी किया गया है। शासन से आये पत्र में नगर में साफ-सफाई की व्यवस्था, पेयजल के हाईपरक्लोरिनेशन किये जाने और खुले ड्रेन्स में ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव की व्यवस्था करने को कहा गया है।
मलिन बस्तियों में साफ-सफाई की विशेष व्यवस्था करने को कहा गया है। पर लापरवाही का आलम यह है कि नगर की बस्तियों में न तो कभी फॉगिंग की जाती है और न ही ब्लीचिंग पाउडर या फिर अन्य दवाओं का छिड़काव किया जाता है। नगर के नई बस्ती स्थित मलिन बस्ती में रहने वाले प्यारे, गामा, बुद्धु, लक्ष्मण, दुर्गा, डब्लू और राजेंद्र ने बताया कि बस्ती में नगर पालिका की ओर से दवा का छिड़काव नहीं होता है। जबकि अधिकारी मलिन बस्तियों साफ-सफाई और ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव का दावा करते हैं।
पीडीडीयू नगर। पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर में लगभग दो लाख की आबादी निवास करती है। संचारी रोग की रोकथाम के लिए आये शासनादेश के अनुसार यूजर एंड प्वाईंट (उपभोक्ता द्वारा उपयोग प्वाईंट) पर जल के नमूने लेकर उनकी जांच की जानी है। जबकि नगर क्षेत्र में पानी की टंकी से ही पानी के नमूने लेकर जांच की कार्रवाई पूर्ण कर ली गई। इस संबंध में विनोद पांडेय लैब अस्सिटेंट जल निगम ने बताया कि सात से आठ स्थानों से नमूने लिये गये थे। सभी की रिपोर्ट ठीक आई है।