चकिया । हाइब्रिड की खेती में जैविक उर्वरक का प्रयोग फायदेमंद है। रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मिट्टी की सेहत खराब होने से पर्यावरण का संतुलन भी बिगड़ रहा है। ये बातेें मंगलवार को हिनौती उत्तरी गांव में कृभको की ओर से आयोजित संकर बीज प्रोन्नत गोष्ठी में प्रबंधक आदर्श कुमार सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि जैविक खेती से मिट्टी स्वस्थ रहती है। वहीं पर्यावरण को प्रदूषण से बचाने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि किसानों का झुकाव हाइब्रिड की खेती की ओर तेजी से बढ़ रहा है, वहीं किसान उत्पादन बढ़ाने के लिए रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का प्रयोग कर रहे हैं, जो हानिकारक है। उन्होंने कहा भूमि की उर्वरा शक्ति कम होती जा रही है । अनाज और सब्जियों में जहरीले कीटनाशकों की मात्रा बढ़ने से कैंसर, हार्ड अटैक और एलर्जी जैसी गंभीर बीमारियां तेजी से बढ़ रही है। कृषि विभाग के अमरनाथ सिंह पटेल ने कहा कि कृषि एवं कल्याण विभाग हाइब्रिड की खेती करने वाले किसानों को जैविक खेती का प्रयोग करने के प्रति पूरा सहयोग कर रहा है। इस अवसर पर कृषि विशेषज्ञ कपिल देव सिंह, कृभको के एनपी सिंह ग्राम प्रधान अनिल सिंह, जगदीश पटेल, रामधनी, जितेंद्र कुमार सहित तमाम किसान मौजूद रहे। अध्यक्षता सुदामा सिंह व संचालन कृभको प्रभारी रमेश चंद्र शुक्ला ने किया।