चंदौली। धान के कटोरे में चावल उद्योग में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले राइस मिलर्स अब हड़ताल पर चले गए हैं। पूर्वांचल राइस मिलर्स एसोसिएशन के बैनर तले लोगों ने सोमवार को जिले की सभी राइस मिलों में ताला लगाकर जिला मुख्यालय पहुंचे और डिप्टी आरएमओ को चाबी सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। आरोप लगाया कि विभाग के नए नियमों के चलते मिलर्स को काफी क्षति उठानी पड़ेगी। क्योंकि धान की कुटाई के बाद 67 प्रतिशत चावल की रिकवरी देना कभी संभव नहीं है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव सिंह ने कहा कि मिलर्स को पिछले 20 वर्षों से दस रुपये प्रति कुंतल कुटाई का भुगतान किया जाता है। जबकि डीजल और बिजली बिल की दरों में काफी इजाफा हुआ है। क्रय केंद्रों पर धान की खरीद के बाद उसे मिलर्स को डिलेवर कर दिया जाता है। परंतु मिलर्स की परेशानियों को सुनने को कोई तैयार नहीं है। कहा कि धान की कुटाई 250 रुपये प्रति कुंतल किया जाय।
पुराना बकाया भुगतान के नाम पर अफसर मिलर्स का शोषण कर रहे हैं। सरकारी गोदामों में माल की अनलोडिंग तथा जांच के नाम पर भी रकम की मांग होती है। ऐसा नहीं करने वाले मिलर्स के ट्रक कई दिनों तक खड़ा करा दिए जाता है। कहा कि आंदोलन के लिए एसोसिएशन के द्वारा जिला प्रशासन से पहल के लिए पहले कई बार प्रस्ताव भेजा गया, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। ऐसे में अपनी बात को मनवाने के लिए मिलर्स ने ऐसा कदम उठाया है।
चेताया कि मिलर्स बगैर समस्या के निदान के मिलों को संचालित करने के मूड में नहीं है। इस दौरान आनंद सिंह, नंदलाल मौर्य, मदन जायसवाल, ओम प्रकाश सिंह, गप्पू सिंह, अजय सिंह काजू, टीएन सिंह, विनोद पांडेय, महेंद्र गुप्ता, रामनगीना गुप्ता, अभय सिंह, उमेश गुप्ता, हरिध्यान यादव, होल्कर सिंह, संतोष तिवारी उपस्थित रहे।