नियामताबाद। पीडीडीयू नगर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान शनिवार को डीएम व एसडीएम पर महिला अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए अधिवक्ताओं ने तहसील गेट को बंद कर धरने पर बैठ गए। इस दौरान अधिवक्ताओं ने डीएम और एसपी परिसर से बाहर नहीं जा पाये। लगभग डेढ़ घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम विजय नारायण के समझाने के बाद अधिवक्ताओं ने धरना समाप्त किया।
अधिवक्ता श्वेता सिद्धिदात्री ने बताया कि तहसील परिसर में महिला अधिवक्ताओं व वादकारियों के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है। बताया कि संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान वह इस व्यवस्था को ठीक कराने के लिए प्रार्थना पत्र देने गई थी जहां डीएम और एसडीएम ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। बाद में जब इसकी जानकारी अन्य अधिवक्ताओं को तो उनमें आक्रोश पनप गया। इसके बाद नाराज अधिवक्ताओं ने तहसील गेट बंद कर धरने पर बैठ गये। इस दौरान अधिवक्ताओं ने डीएम, एसपी सहित अन्य अधिकारियों तहसील को गेट से बाहर नहीं निकलने से रोक दिया। डीएम, एसपी व अन्य अधिकारी लगभग डेढ़ घंटे तक तहसील परिसर में ही रहे। मौके पर एसडीएम विजय नारायण सिंह व सीओ अनिल राय अधीनस्थों संग अधिवक्ताओं के पास पहुंचे । जहां समझाने बुझाने पर अधिवक्ता मान गये। इस दौरान धरना देने वालों वसीम अहमद, निजामुद्दीन, धनन्जय सिंह, खालिद वकार, आनन्द, ओमप्रकाश, शिवपूजन यादव, आमोद प्रकाश पांडेय आदि शामिल रहे।