नौगढ़। कोइलरवा के जंगल में विचरण कर रहे तेंदुए से आसपास के गांव के लोग डरे- सहमे हुए हैं। रात में ग्रामीणों ने तेंदुए की दहाड़ भी सुनीं। वहीं तेंदुए की निगरानी के लिए वन विभाग ने दो टीमें गठित की हैं। वन क्षेत्राधिकारी चकिया इकबाल सिंह निरंतर गश्त कर रहे हैं जबकि वन क्षेत्राधिकारी नौगढ़ ने शनिवार को स्टाफ के साथ देवरी कला व पंडी लेड़हा के जंगलों में गश्त करते हुए गांव के लोगों और चरवाहों से सतर्क रहने को कहा है। साथ ही गांव के लोगों से समूह में घर से निकलने का अनुरोध किया है।
नौगढ़ रेंज के अंतर्गत लौवारी कला व लेड़हां गांव जंगल से सटा है। जंगल और गांव के बीच लगभग डेढ़ किलोमीटर का फासला है। जंगल में घूम रहे तेंदुआ केगांव के निकट पहुंचने की चर्चा से लोगों की नींद उड़ी हुई है। तेंदुआ बीते चार दिनों से चरवाहों को दिख रहा है। वन विभाग की ओर से वन दरोगा गुरुदेव सिंह की अगुवाई में गठित टीम में वन रक्षक सचिन पांडेय, पप्पू सोनकर व एक दर्जन वाचर शामिल हैं। वहीं चार सदस्यीय एक टीम रात में व दूसरी टीम दिन में क्षेत्र में कांबिंग कर रही है। नौगढ़ के वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए टीमें निरंतर गश्त कर रही हैं। तेंदुए की लोकेशन ली जा रही है। उसका मूवमेंट जिस दिशा में अधिक मिलेगा लोगों को वहां से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाएगा। उधर, तेंदुए की दहाड़ शुक्रवार रात में भी लेडहा गांव के लोगों ने सुनीं। इसके बाद गांव के लोग काफी दहशत में हैं। वहीं वन क्षेत्राधिकारी निरंतर गश्त की बात कह रहे हैं। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों को समूह में घर से निकलने के निर्देश दिए गए हैं क्योंकि तेंदुआ समूह में लोगों के होने पर हमला नहीं करता है।