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क्रय केंद्रों के बंद होने से धान बेचने को दर-दर भटक रहे किसान

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पीडीडीयू नगर। जिले में धान की खरीद लगभग बंद होने से किसान धान बेचने के लिए दर-दर भटकने को विवश हैं। शासन व सांसद के निर्देश के बाद भी खरीद बंद होने से किसानों में मायूसी है। उनकी समझ में नहीं आ रहा है कि वे अपना धान किसे और कहां बेचें। धान बेचने को परेशान किसान आए दिन क्रय केंद्रों का चक्कर काट रहे हैं।
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किसानों की शिकायत है कि जिले के कई धान क्रय केंद्रों को बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक बंद कर दिया गया है। धान बेचने को लेकर छोटे-बड़े सभी किसान परेशान हैं। केंद्रीय मंत्री व सांसद डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने जिले में धान खरीद की अंतिम तिथि 28 फरवरी से बढ़ाकर सात मार्च करवा दी थी। कहा था कि जिले के 22 केंद्रों पर धान की खरीद होगी। इसके बाद भी किसानों को धान बेचने के लिए इस केंद्र से उस केंद्र तक दौड़ाया जा रहा है।
नियामताबाद संवाददाता के अनुसार क्षेत्र के पांडेयपुर में खोले गए राजकीय खरीद केंद्र व स्थानीय गांव में खोले गए क्रय केंद्र पर धान की खरीद दो सप्ताह से बंद है। इससे किसान धान बेचने को लेकर परेशान किसानों में नाराजगी है। भारतीय किसान संघ के ब्लॉक अध्यक्ष संदीप यादव ने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों का धान नहीं खरीदा जा रहा है। क्रय केंद्र दो सप्ताह से बंद है पर बिचौलियों की कागज पर खरीद रोज हो रही है। चेताया कि खरीद में पारदर्शिता न लाने पर किसान सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। नियामताबाद में खोले गए केंद्र पर पहुंचे सरने गांव के पितांबरपुर पुरवा के किसान रामनवमी बिंद ने कहा कि उनका धान लदा ट्रैक्टर विगत 18 दिन से केंद्र के अंदर पड़ा है पर अभी तक खरीद नहीं हुई है। जिला विपणन अधिकारी के निर्देश पर उनके मातहतों का ही धान खरीदा गया है। सरने गांव के किसान शिवनारायण बिंद ने कहा कि 15 दिनों से क्रयकेंद्र का चक्कर लगाने के बाद भी उनका नंबर नहीं आया है। नेगुरा गांव के किसान गोपाल सिंह ने बताया कि उनका धान तौलने की बात कही गई है पर अभी तक तौल नहीं हो पाई है। इसी गांव के पवन कुमार दीक्षित ने कहा कि केंद्र पर उनका धान खरीद ता लिया गया पर पांच प्रतिशत की कटौती की गई जो कि सरासर गलत है।
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जिन किसानों का धान आ रहा है उनकी खरीद की व्यवस्था की जा रही है। कुछ किसान जो उच्च अधिकारियों के निर्देश पर बाहर से आ रहे हैं, उनका भी समायोजन किया जा रहा है। सरकारी छुट्टी के कारण केंद्र को बंद किया गया था। केंद्र पर खरीद की व्यवस्था चल रही है। -ज्ञान प्रकाश, क्रय केंद्र प्रभारी, नियामताबाद।
ताराजीवनपुर। क्षेत्र के कई धान क्रय केंद्र पूरी तरह बंद हो चुके हैं। इसको लेकर किसान काफी परेशान हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। क्षेत्र के साधन सहकारी समिति डिग्घी व धूसखास पर बनाए गए क्रय केंद्र पर कर्मचारी तो मौजूद हैं लेकिन लखनऊ से पोर्टल बंद होने के कारण खरीदारी नहीं हो पा रही है। वहीं किसान अंगूठा लगाने के लिए समिति का चक्कर लगा रहे हैं जबकि धान खरीद की अंतिम तिथि सात मार्च तक ही है। क्रय केंद्रों पर मौजूद किसान संजय तिवारी, गौरव मिश्रा, चंदन, अतुल मिश्रा, अजय तिवारी सहित अन्य ने किसानों की उपेक्षा करने और उनसे सौतेला व्यवहार का आरोप लगाया है। धूसखास क्रय केंद्र प्रभारी व सचिव रामभजन मौर्य ने बताया कि पोर्टल नहीं खुल रहा है। खोलने के प्रयास पर लिखकर आ रहा है कि क्रय केंद्र बंद होने के कारण खरीद संभव नहीं है। अधिकारियों से बात करने पर तकनीकी खराबी बताई जा रही है जबकि किसान क्रय केंद्र पर अपना धान बेचने के लिए मजबूती से अड़े हुए हैं।
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