भाजपा नेतृत्व को नहीं पता आजादी का अर्थ क्या है : प्रियंका
बुलंदशहर। प्रियंका गांधी ने कहा कि आजादी के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर, भगत सिंह समेत हजारों की संख्या में क्रांतिकारियों ने अपना जीवन लगा दिया। भाजपा का नेतृत्व आजादी का आदर नहीं करता, क्योंकि उन्हें नहीं पता कि आजादी का अर्थ क्या है। भाजपा के राज में केवल कुछ लोगों के पास ही आजादी है।
प्रियंका ने कहा कि देश में लोगों से आजादी को छीना जा रहा है। हाथरस के पीड़ित परिजन अपनी बेटी का स्वेच्छा से अंतिम संस्कार तक नहीं कर सके। लखीमपुर खीरी में किसानों को गाड़ियों से कुचल दिया गया। उन्नाव कांड में मृत बच्चियों के परिजनों को अभी तक न्याय नहीं मिला है। यह कैसी आजादी है, जहां देश के लोगों को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है।
देश में रहने वाले लोगों को अपनी देशभक्ति का सबूत देना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि भाजपा के पास चुनाव जीतने के लिए कोई मुद्दा नहीं है। जिसके चलते उनके नेता अब लोगों को भटकाने में लगे हुए हैं, ताकि अपना उल्लू सीधा किया जा सके। प्रदेश के इस जंगलराज से लोगों को निजात दिलाने के लिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमीन पर उतरकर लड़ाई लड़ी और लोगों के लिए वह जेल भी गए। प्रियंका गांधी ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में कांग्रेस के 18700 से अधिक कार्यकर्ता जेल गए हैं। सपा और बसपा का एक भी कार्यकर्ता जेल नहीं गया है।
70 साल में 70 और सात साल में सौ पार हुआ पेट्रोल
भाजपा की सरकार में देश में महंगाई अपने उच्चतम स्तर पर है। कांग्रेस के 70 सालों में पेट्रोल की कीमत केवल 70 रुपये थी, जबकि भाजपा के सात सालों में यह 100 को पार कर गई। जीएसटी के कारण छोटे व्यापारियों का व्यापार करना मुश्किल हो गया है। जिससे छोटे तबके का व्यापारी आर्थिक संकट से जूझ रहा है।
अध्यक्ष जी, कैसेे हो... क्या चल रहा है
प्रियंका ने पदाधिकारी प्रतिज्ञा सम्मेलन में 14 जिलों के पदाधिकारियों से सीधा संवाद करते हुए उनसे क्षेत्र की समस्या व सुझाव पूछे। इस दौरान सबसे पहले गौतमबुद्धनगर के शहर अध्यक्ष रामकुमार तंवर के पास गईं औैर पूछा अध्यक्ष जी कैसेे हो, क्या चल रहा है। इस पर उन्होंने बताया कि वह अपने क्षेत्रों में कांग्रेस की नीतियों को घर-घर तक पहुंचाने के साथ ही लोगों की समस्याओं को भी उठा रहे हैं।
फिरोजाबाद के जिलाध्यक्ष संदीप तिवारी ने बताया कि अब पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के दम पर न्याय और ग्राम पंचायत स्तर तक मजबूत हो चुकी है। मेरठ की महिला विंग जिलाध्यक्ष ऊषा ने कहा कि आपके आने से अब कार्यकर्ताओं को मजबूती मिली है। बागपत जिलाध्यक्ष ने मांग की कि पिछले 20 वर्षों से जिले में पार्टी ने कोई प्रत्याशी नहीं उतारा, लेकिन इस बार प्रत्याशी उतारा जाए। राष्ट्रीय नेताओं का जिले में प्रवास कार्यक्त्रस्म आयोजित किया जाए। हाथरस जिलाध्यक्ष ने गठबंधन नहीं करने की मांग की। हापुड़ जिलाध्यक्ष मिथुन त्यागी ने बताया कि 75 फीसदी गांवों में ग्राम अध्यक्ष बनाए जा चुके हैं।
मथुरा कांग्रेस शहर अध्यक्ष ने मांग की कि कार्यकर्ता बिना गठबंधन के चुनाव लड़ना चाहते हैं। मथुरा शहर सीट पर मुस्लिम समुदाय के लोगों को टिकट देने की मांग की। एटा जिलाध्यक्ष गंगा सहाय लोधी और कासगंज शहर अध्यक्ष अदनान ने कहा कि प्रियंका गांधी ने कार्यकर्ताओं को संघर्ष करना सिखा दिया। जिसके चलते अब कार्यकर्ता के अंदर नई ऊर्जा का संचार है। अलीगढ़ से कांग्रेस की नेता सपना पासवान ने कहा कि महिलाओं के लिए कदम उठाए जाएं और बेरोजगारी व महंगाई को कम करने की योजना बनाई जाए। बुलंदशहर के पदाधिकारियों से संवाद न किए जाने के चलते उन्हें मायूसी हाथ लगी।