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‘लक्ष्मी’ मिलीं तो उद्योगों को लगे चार चांद...स्वावलंबी बन दिया रोजगार

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‘लक्ष्मी’ मिलीं तो उद्योगों को लगे चार चांद...स्वावलंबी बन दिया रोजगार
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बुलंदशहर। विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर सैकड़ों की संख्या में लोग स्वरोजगार को अपना रहे हैं। इससे न केवल उन्हें रोजगार मिल रहा है, बल्कि अन्य लोगों को भी वह रोजगार देने में सफल हो रहे हैं। उद्योग विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक पिछले वित्त वर्ष में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 81 लाभार्थियों को 157.14 लाख की सब्सिडी दी गई है, जबकि इससे 329 लोगों को रोजगार मिला है, तो वहीं प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत 52 लोगों को 156 लाख की सब्सिडी दी गई है, इससे 348 लोगों को रोजगार मिला, एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत 41 लोगों को 300 लाख की सब्सिडी दी गई है, जिसमें 595 लोगों को रोजगार मिला है। वहीं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत विभिन्न प्रकार की 10 कैटेगरी के कुल 300 लोगों को उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
इनको उपलब्ध कराई गई है किट
75 टेलर, नाई, बढ़ई, लोहार, टोकरी बुनकर, हलवाई, सुनार, कुम्हार, राज मिस्त्री, मोची के 25-25 लाभार्थियों को पिछले वित्त वर्ष में किट बांटी गई थी। किट में केटेगरी की योग्यता के अनुसार सिलाई मशीन, मोची के लिए अलग से सामान, हलवाई के लिए कढ़ाई, पलटा, करछी, लोहार को वेल्डिंग मशीन, रॉड, कुम्हार को विभिन्न प्रकार के चॉक बांटे गए हैं।
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सफल उद्यमियों की कहानी, उन्हीं की जुबानी
छोटा था एक्सपेलर का कारोबार, अब किया विस्तार
लखावटी के गांव अलावा रहीमपुर निवासी सतेंद्र कुमार काफी समय से ऑयल एक्सपेलर चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उन्हें उद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद जिला उद्योग विभाग के कार्यालय में योजना के लिए संपर्क किया। इसके बाद एक्सपेलर के कार्य को ही बढ़ावा देने के लिए कर्ज हेतू आवेदन किया। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत विभाग ने 25 लाख रुपये लोन की फाइल पीएनबी बैंक को सौंपी। जिसके बाद बैंक प्रबंधक अमित कुमार ने लोन की प्रक्रिया को पूरा कर धनराशि खाते में हस्तांतरित कराई। बताया कि अब पहले से बड़ा कारोबार संचालित किया जा रहा है। इसमें दो लोगों को रोजगार देते हुए अपने परिवार का भी भरण-पोषण किया जा रहा है।
कप-प्लेट बनाने वाली मशीन खरीदने के लिए नहीं थे रुपये
गांव गंगेरी निवासी करन चौधरी रोजगार न होने के कारण पेपर के कप व प्लेट बनाने का काम करते थे। हाथ से कप, प्लेट बनाने में काफी समय लगता था और माल की गुणवत्ता भी ठीक नहीं आती थी। जिसके लिए मशीन की आवश्यकता थी। उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं के बारे में उद्योग विभाग से संपर्क किया। जिसके बाद विभाग ने कप, प्लेट बनाने वाली मशीन व अन्य सामान के लिए 10 लाख रुपये का लोन दिलाने की बात कही। पीएनबी बैंक के लोन मैनेजर पी प्रधान की मदद से सरकार से सब्सिडी पर लोन मिला। अब उत्पादन भी बढ़ गया है और सामान की गुणवत्ता भी अच्छी आ रही है।
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सरकार द्वारा दी गई योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिले, इसके लिए प्रयास किया जा रहा है। प्रत्येक व्यक्ति के आवेदन की निष्पक्ष जांच कराते हुए योजना का लाभ दिलाया जा रहा है।
- योगेश कुमार, जिला उपायुक्त, उद्योग विभाग
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