सोमवती अमावस्या पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी
कासगंज जिले वाले छोर पर सर्वाधिक भीड़, राजस्थान से भी पहुंचे लोग
सोमवती अमावस्या पर कछला गंगाघाट आस्था से सराबोर हो उठा। लाखों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने स्नान कर सूर्यदेव को अर्घ्यदेने के साथ ही घाट पर पूजा-अर्चना की। घाट पर दोपहर बाद तक हर-हर गंगे गूंजता रहा। इस बार सर्वाधिक भीड़ कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर रही। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिहाज से पुलिस और राजस्व कर्मियों को मशक्कत का सामना करना पड़ा।
कछला गंगाघाट पर रविवार शाम से श्रद्धालुओं के पहुंचने का दौर शुरू हो गया। तड़के से लेकर पूर्वाह्न तक लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान किया। हर-हर गंगे की गूंज के बीच ही महिला- पुरुषों ने सूर्य को अर्घ्य देकर गंगा में दुग्धाभिषेक भी किया। घाट पर पूजा-अर्चना के दौरान मंत्रोच्चार गूंजते रहे। महिलाओं ने बच्चों के मुंडन संस्कार कराए। कन्याओं को भोज भी कराया गया। आश्रमों में साधु और संतों को दक्षिणा भेंट की गई। सर्वाधिक भीड़ कासगंज के छोर वाले तीनों घाटों पर रही। हालांकि जलस्तर था लेकिन ज्यादातर श्रद्धालुओं ने उन्हों घाटों को चुना जो सुरक्षित महसूस किए गए। राजस्थान के श्रद्धालुओं की संख्या भी कासगंज वाले ही छोर पर रही। बता दें कि सोमवती अमावस्या पर राजस्थान के लोग कछला आकर स्नान करने का खास महत्व समझते हैं। घाटों के नजदीक लगे मेला में महिला और बच्चों ने घरेलू सामान की खरीददारी की। मीना बाजार में रौनक रही।
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पुलिस और राजस्व कर्मियों ने घरवालों से मिलाए बिछडे़ बच्चे
उझानी। सोमवती अमावस्या पर जुटी श्रद्धालुओं के भीड़ में ही आठ-नौ बच्चे अपने परिवार वालों से बिछड़ गए। बच्चों के बिछड़ने का दौर सुबह में करीब नौ बजे हुआ। लेखपाल ओमबाबू नागेंद्र ने बताया- ज्यादातर बच्चे भीड़ के वजह ही बिछडे़ थे। पुलिस कर्मियों की मदद से उन्हें उनके घरवालों तक पहुंचा दिया गया। इसके अलावा गोताखोरों की सतर्कता की वजह से हादसा होने से भी बच गया। कासगंज निवासी रामपाल, हरीओम और संदीप, राजस्थान के भरतपुर निवासी कन्हैयालाल का नौ वर्षीय बेटे मनमोहन को गोताखोरों ने डूबने से बचा लिया।
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दोपहर बाद तक लगा रहा हाईवे पर जाम
उझानी। कछला में गंगाघाट पर कासगंज वाले छोर पर वाहनों के लिए पार्किंग की सुविधा लचर नजर आई। सुबह में करीब 10 बजे सोरों की कछला नाका पुलिस चौकी के पास लगे जाम ने घंटाभर में विकराल रूप ले लिया। बदायूं की ओर से भी वाहन फंसते गए। पुलिस ने हालांकि पुल पर वाहनों को रोक लिया लेकिन तब जाम में फंसे वाहनों की संख्या दो सौ को भी पार कर गई। कछला पुलिस चौकी और चौराहे पर भी जाम का माहौल बना रहा। दोपहर बाद करीब दो बजे भीड़ कम होने पर वाहन सवार लोगों को राहत मिली। कासगंज, अलीगढ़, आगरा से बरेली और बदायूं और इधर से भी उस ओर जाने वाले वाहन सवार लोगों को दिक्कत हुई।