बदायूं। प्रदेश सरकार के जलशक्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने राज्यमंत्री दिनेश खटीक के साथ जिले के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। खासतौर से दातागंज क्षेत्र में रामगंगा की बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र का हेलिकॉप्टर से दौरा करने के बाद विकास भवन में सांसद, विधायकों व अफसरों की बैठक ली। यहां बताया गया कि दातागंज व सहसवान क्षेत्र के 26440 किसानों का करीब नौ करोड़ की फसल का नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित किसानों की मदद का निर्देश दिया है।
हेलिकॉप्टर से दोनों मंत्री जिले में आई बाढ़ का हवाई दौर करते हुए पुलिस लाइन पहुंचे। यहां पर दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह, डीएम दीपा रंजन, एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने उनका स्वागत किया। इसके बाद में कलक्ट्रेट में स्थित अटल बिहारी वाजपेयी सभागार में उन्होंने सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य, दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह, शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य समेत अधिकारियों के साथ बाढ़ के संबंध बैठक ली। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि देश व प्रदेश में सामान्य से बहुत ज्यादा वर्षा इस साल हुई है, इसके कारण नदियों का जलस्तर बहुत तेजी के साथ बढ़ा है। उत्तराखंड में हुई भारी वर्षा व बादल फटने की वजह से बहुत ज्यादा पानी गंगा नदी में छोड़ना पड़ा है। इस कारण जिले दो तहसीलें दातागंज व सहसवान बहुत ज्यादा प्रभावित हुई और बहुत सारे गांव पानी से घिर गए। ऐसे में किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। मैंने हवाई सर्वेक्षण में देखा कि पानी तेजी के साथ घटा है। लेकिन अब भी जगह-जगह पानी भरा हुआ है। उन्होंने एडीएम एफआर संतोष कुमार वैश्य को निर्देश दिए कि बाढ़ से हुए नुकसान के आकलन का परीक्षण कराकर सभी बाढ़ प्रभावित व्यक्तियों को जल्द से जल्द मुआवजा दिलाया जाए। कोई भी पीड़ित व्यक्ति छूटने न पाए।
कैंप लगाकर करें स्वास्थ्य परीक्षण
कैबिनेट मंत्री ने बैठक के दौरान सीएमओ डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर को निर्देश दिए कि मेडिकल टीम जिनमें चिकित्सकों, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी आदि के माध्यम से गांवों में कैंप लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाए। जो लोग बीमार है उनको दवाइयों का वितरण किया जाए। इस दौरान सभी प्रकार की दवाएं मौजूद रहनीं चाहिए। वहीं सीवीओ डॉ. एके जादौन को निर्देशित किया है कि पशुओं के लिए चारा, स्वास्थ्य परीक्षण व टीकाकरण की पर्याप्त व्यवस्था दुरुस्त रहे। साथ ही एसडीएम दातागंज, सहसवान और डीपीआरओ को निर्देश दिए कि सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए, कहीं भी जलभराव न होने पाए। लोगों के लिए शुद्ध पेयजल और राहत सामग्री पहुंचाई जाए।
जो खंभे गिरे हैं उनको दुरुस्त कराएं
कलक्ट्रेट में बैठक के दौरान मंत्री ने पीडब्ल्यूडी अभियंताओं को निर्देश दिए कि बाढ़ में जो सड़कें कट गईं हैं, उनको जल्द से जल्द ठीक कराया जाए। ताकि आवागमन शुरू हो सके। साथ ही विद्युत विभाग को निर्देश दिए कि बाढ़ के कारण जो खंभे टूट व गिर गए हैं, उनको जल्द से जल्द दुरुस्त कराकर विद्युत आपूर्ति सुगम की जाए।
अभी जारी है नुकसान का आकलन
जिला प्रशासन की ओर से मंत्री को बताया कि जिले में अभी तक 26,440 किसानों के नुकसान का आकलन हुआ है। और आकलन अभी समाप्त नहीं हुआ है, क्योंकि जलस्तर अब तेजी के साथ घटा है। धीरे-धीरे उसका सर्वे और आकलन किया जा रहा है। अभी तक जो आकलन हो पाया उसमें लगभग नौ करोड़ रुपये की क्षति का आकलन किया गया है। जिले में किसी भी प्रकार की जिले में जन व पशु हानि नहीं हुई है। इस पर मंत्री ने कहा कि जिन 26,440 किसानों का जो नुकसान हुआ है, उनको तत्काल उनको मुआवजा दिया जाए। कहीं किसी का मकान गिर गया है तो उसके लिए मकान की व्यवस्था की जाए।