फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

होली सिर पर..महंगाई ने बिगाड़ा बजट

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। होली से पहले तेजी से बढ़ी महंगाई ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। सभी तरह की खाद्य सामग्री पर दाम बढ़े हैं। सबसे ज्यादा महंगाई का असर खाद्य तेलों पर है। सरसों का तेल 190 रुपये प्रति किलो तो रिफाइंड 170 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। इसके अलावा दूध, मावा, सब्जी और दालों पर भी महंगाई की मार है। महिलाएं महंगाई को लेकर परेशान हैं। रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।
विज्ञापन

पिछले कुछ दिनों से महंगाई को पंख लग गए हैं। होली आने के साथ महंगाई का रंग और चटख हो गया है। रसोई में सबसे जरूरी आटा, दाल, तेल आदि ही होते हैं। इनके दामों में उछाल आया है। एक महीने पहले आटा 320 रुपये प्रति 10 किलोग्राम था। अब यह 360 रुपये तक पहुंच गया है। रिफाइंड प्रति लीटर 25 से 30 रुपये महंगा हुआ है। सरसों के तेल के भाव भी 30 रुपये तक बढ़े हैं। इसके साथ ही दालों की कीमतों में भी 15 रुपये प्रति किलो तक का इजाफा हुआ है। होली से पहले बाजारों में खरीदारी तो खूब हो रही है, लेकिन महंगाई के कारण लोग जरूरत भर का सामान ही खरीद रहे हैं।
किराना व्यापारी ईशू रस्तोगी का कहना है कि होली पर खरीदे जाने वाले सामान की कीमत में 50 फीसदी तक इजाफा हुआ है। मेवा पर भी महंगाई की मार है। पिछले वर्ष जो छुआरा 150 रुपये किलो था अब वह 300 रुपये तक पहुंच गया है। काजू का भाव 600 रुपये से बढ़कर 800 और बादाम 700 से बढ़कर 900 रुपये तक पहुंच गया है।
विज्ञापन

-
महिलाओं ने कहा-इस महंगाई में कैसे चलाएं रसोई
फोटो- 22
महंगाई में रसोई संभालना पहले ही मुश्किल हो रहा है। जब कोई त्योहार आता है तो अतिरिक्त खर्च बढ़ जाता है। खाने-पीने के सामान के साथ खाद्य तेलों की कीमतें आसमान पर हैं। बजट बिगड़ रहा है।
-किमी रस्तोगी
महंगाई के कारण आम आदमी की जेब पर भार बढ़ गया है। मध्यवर्गीय लोग पहले से महंगाई का सामना कर रहे हैं। अब खाद्य सामग्री पर बढ़ी महंगाई ने चिंता बढ़ा दी है। कीमतें बेकाबू हो रही हैं।
-रिया जुनेजा
महंगाई से हर परिवार की मुश्किलें भी बढ़ गई है। सरकार को इस महंगाई पर काबू करना चाहिए और आम आदमी की समस्या को समझना चाहिए। महंगाई बड़ी समस्या बन रही है।
-अनीता रस्तोगी
रिफाइंड और सरसों के तेल पर महंगाई सबसे ज्यादा बढ़ी है। रिफाइंड के दाम तो दो सप्ताह में ही 30 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गए। घर में सबसे ज्यादा इस्तेमाल रिफाइंड का ही किया जाता है।
-आरती
-
व्यापारियों ने कहा-ग्राहक तो हैं पर खरीदारी कम
सबसे ज्यादा कीमतें खाद्य तेलों की बढ़ी हैं। दालों और मेवा की कीमतों में भी लगातार इजाफा हो रहा है। कीमतों में इजाफा होने का एक कारण रूस और यूक्रेन युद्ध भी माना जा रहा है क्योंकि रिफाइंड बनाने में इस्तेमाल होने वाला पाम ऑयल भी दूसरे देशों से आता है। आने वाले दिनों में कीमतों में कमी होने की गुंजाइश कम ही है।
-राजेश कुमार
खाद्य तेलों, दालों समेत खाने-पीने के अन्य सामानों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। बाजार में ग्राहक तो आ रहे हैं, लेकिन खरीदारी अपेक्षा के अनुसार नहीं हो रही। ज्यादातर लोग जरूरत भर का सामान खरीद रहे हैं। होली पर बाजार उतना मजबूत नहीं है जितना होना चाहिए।
विज्ञापन

-अमन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें