Life imprisonment for three including two brothers in murder case
बदायूं। करीब साढ़े 13 साल पुराने हत्या के मामले में नामजद दो भाइयों समेत तीन आरोपियों को प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभानु सिंह ने मुजरिम ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर 48 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
बिसौली कोतवाली क्षेत्र के गांव सिरतोला निवासी मुनेश ने थाने पर एक तहरीर दी थी। उसके मुताबिक वह 22 अगस्त 2008 को अपने भाई अजयपाल, भतीजे धर्मवीर, भतीजी संतोष और उषा के साथ खेत से घर लौट रहे थे। उसका भाई अजयपाल हल-बैल लेकर आगे चल रहा था। उसी दौरान गांव के जगत सिंह पुत्र कल्यान सिंह, विनोद पुत्र चंद्रपाल निवासीगण सिरतोला और अमर सिंह, महीपाल पुत्रगण नत्थू निवासी सुजानपुर थाना बिसौली उसके भाई का रास्ता रोककर खड़े हो गए। जगत सिंह ने उसके भाई से कहा कि तुमने मेरे चाचा सोमपाल का कत्ल किया था। आज तुझे नहीं छोड़ेंगे। जगत सिंह ने अपनी बंदूक, अमर सिंह ने राइफल, विनोद और महीपाल ने तमंचे से फायरिंग शुरू कर दी। उसका भाई जान बचाने को भागा लेकिन कई गोलियां लगने से वह घायल होकर गिर पड़ा। वह अपने भाई को उठाकर गांव में लेकर आया लेकिन रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने जगत सिंह, विनोद यादव निवासी ग्राम सिरतोला, अमर सिंह, महीपाल निवासी ग्राम सुजानपुर थाना बिसौली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की।
प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश चंद्रभानु सिंह ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार गुप्ता और बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुना। कोर्ट ने अजयपाल की हत्या के जुर्म में अमर सिंह, महीपाल सिंह और विनोद यादव को मुजरिम करार दिया। कोर्ट ने तीनों मुजरिमों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि जगत सिंह को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।