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नजरबंद किए गए भाकियू नेता, नहीं फूंक सके पुतले

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सीओ सिटी को ज्ञापन देता किसान नेता राजेश सक्सेना। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। जिले भर में भाकियू (टिकैट गुट) का पुतला दहन कार्यक्रम शनिवार को फ्लॉप रहा। किसान आंदोलन के समर्थन और खीरी कांड के विरोध में शनिवार को तय कार्यक्रम के तहत भाकियू ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री के पुतले फूंकने थे, लेकिन सुबह से ही किसान नेताओं को उनके आवासों पर नजरबंद कर दिया गया। किसान नेताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जरूर सौंपे।
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किसान आंदोलन और खीरी कांड को लेकर पुलिस-प्रशासन के स्तर से लगातार सतर्कता बरती जा रही है। भाकियू टिकैत गुट ने आंदोलन की रणनीति तय करते हुए 16 अक्तूबर को राष्ट्रीय आह्वान पर पुतला दहन कार्यक्रम रखा था। भाकियू पुतला दहन न कर सके इसको लेकर शुक्रवार रात से ही भाकियू के मंडलीय नेता राजेश सक्सेना के आवास पर पुलिस तैनात कर दी गई। शनिवार शाम तक यहां पुलिस तैनात रही। दोपहर के वक्त सीओ सीपी सिंह और इंस्पेक्टर सिविलि लाइंस आरके तिवारी उनके आवास पर पहुंचे। यहां राजेश सक्सेना के नेतृत्व में किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सीओ सिटी सीपी सिंह को सौंपा। जिले में अलग-अलग स्थानों पर भाकियू नेता रामाशंकर शंखधार, अमरपाल सिंह, झांझन सिंह को भी नजरबंद रखा गया।
दातागंज में भाकियू के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजीव कुमार गुप्ता के आवास पर भी शुक्रवार रात से ही पुलिस तैनात कर दी गई। शनिवार दोपहर सीओ प्रेमकुमार थापा फोर्स के साथ उनके आवास पर पहुंच गए। यहां राजीव कुमार गुप्ता के नेतृत्व में किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन दिया। दातागंज में भी किसान पुतला दहन करने में कामयाब नहीं हो सके।
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बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव खैरी में भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष राकेश टिकैट के आह्वान पर भाकियू ने पुतला दहन की योजना बनाई थी, लेकिन सुबह से ही फोर्स की तैनाती के चलते भाकियू नेता पुतला दहन नहीं कर सके। इंस्पेक्टर दिनेश कुमार शर्मा फोर्स के साथ गांव में तैनात रहे। यहां किसान नेताओं को नजरबंद कर दिया गया। इसके चलते किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन दिया। इस मौके पर काफी संख्या में किसान रहे।
बनगवां और गिधौल में किसान पुतले फूंकने में सफल
बदायूं। भाकियू नेताओं ने शनिवार सुबह कुंवरगांव के बनगवां और मूसाझाग के गिधौल गांव में प्रधानमंत्री व गृहमंत्री के प्रतीकात्मक पुतले फूंके। उन्होंने लखीमपुर कांड को लेकर सरकार का विरोध किया और इस्तीफा देने की मांग की। बाद में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
दो दिन पहले भाकियू नेताओं ने चेतावनी दी थी कि वे लखीमपुर कांड को लेकर भाजपा सरकार के नेताओं का प्रतीकात्मक रूप से पुतला दहन करेंगे। इस पर पुलिस भाकियू नेताओं की निगरानी कर रही थी। भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक असली के जिलाध्यक्ष केपीएस राठौर और संगठन के अन्य नेताओं के घर पुलिस डेरा डाले रही। इसके बावजूद कुछ भाकियू नेताओं ने कुंवरगांव के बनगवां और मूसाझाग के गिधौल गांव में पुतले फूंक दिए। जिलाध्यक्ष केपीएस राठौर ने भाजपा सरकार से इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में किसानों को कार से कुचल दिया गया। तीनों कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली पर बैठे हुए हैं। सरकार को किसानों से बात करके तीनों कानून वापस लेने चाहिए। अगर सरकार किसानों की बात नहीं मानेगी तो रेल रोको आंदोलन, धरना प्रदर्शन और चक्का जाम किया जाएगा। इस दौरान रामरतन पटेल, सूरजपाल सिंह, दुर्विजय सिंह, सुभाष सिंह पटेल, जमुना सिंह, द्वारिका सिंह, दुर्गपाल, उमेश सिंह राठौर, श्रीपाल सिंह पटेल आदि मौजूद रहे। संवाद
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