बदायूं। रुहेलखंड के मिनी कुंभ ककोड़ा मेले को लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट न होने से असमंजस बरकरार है। शासन की अनुमति के छह दिन बाद भी प्रशासन और जिला पंचायत मेले का स्वरूप और स्थान तय नहीं कर सके हैं। पीछे हटने की तोहमत ठेकेदारों पर लगाई जा रही है तो कई ठेकेदार ही शुक्रवार को जिला पंचायत परिसर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि वह पीछे नहीं हट रहे। जिला पंचायत प्रशासन हमें मेले का स्वरूप और जगह बताए तो मेला लगा देंगे।
ककोड़ा मेला लाखों लोगों की आस्था का केंद्र है। हर वर्ष कार्तिक माह में कई जिलों के श्रद्धालु मेले में पहुंचते हैं और यहां गंगा किनारे तंबुओं के शहर में कल्पवास करते हैं। इस वर्ष मुख्य स्नान 19 नवंबर को है। 12 नवंबर को झंडी और गंगा पूजन होना है। नियमानुसार झंडी पूजन से पहले मेला स्थल पर सभी व्यवस्थाएं हो जानी चाहिए, लेकिन अब तक प्रशासन और जिला पंचायत मेले का स्थान और स्वरूप तक तय नहीं कर सके हैं। कमेटी ने 26 नवंबर को मेला स्थल का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट डीएम को दे दी थी। बृहस्पतिवार को खुद डीएम दीपा रंजन और जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने भी मेला स्थल का निरीक्षण किया। शुक्रवार को जिला पंचायत पहुंचे ठेकेदार रामबाबू, सोनू, सुधीर, विनोद आदि का कहना है कि अगर मेले का स्वरूप और स्थान तय हो तो वह काम करने पर विचार कर सकते हें। सामाजिक संगठनों के साथ कुर्मी समाज, साधु-संत, व्यापारी और श्रद्धालु भी मेला आयोजन की मांग कर रहे हैं।
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सीएम से मुलाकात करने राज्यमंत्री और शेखूपुर विधायक लखनऊ पहुंचे
ककोड़ा मेले के आयोजन को लेकर मची खींचतान और लचर प्रशासनिक स्थिति के बीच नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता और शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य शुक्रवार को लखनऊ पहुंच गए। शनिवार को मेला आयोजन के संबंध में उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पंचायती राज मंत्री भूपेंद्र चौधरी से मुलाकात होगी। शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने फोन पर बताया कि नगर विकास राज्यमंत्री महेश गुप्ता के साथ वह मेला आयोजन के लिए शनिवार को मुख्यमंत्री और पंचायती राज्यमंत्री से मिलेंगे। उनका कहना है कि भावनाओं को ध्यान में रखते हुए मेले का आयोजन होना चाहिए।
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मेला आयोजन की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी ने ज्ञापन दिया
मेले के आयोजन की मांग को लेकर शुक्रवार को आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष भूदेव सिंह के साथ डीएम को ज्ञापन देने पहुंचा। डीएम की अनुपस्थिति में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया गया।
कहा है कि मेला ककोड़ा ऐतिहासिक है। सदियों से लगते आ रहे मेले से लाखों लोगों की धार्मिक और जनभावनाएं जुड़ी हैं। मेले के आयोजन से काफी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलता है। शासन से अनुमति मिलने के बाद भी जिला पंचायत मेला आयोजन में आनाकानी कर रहा है। मेले के आयोजन में काफी समय बाकी है। अगर जिला पंचायत प्रयास करे तो मेले का आयोजन हो सकता है। संवाद
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ककोड़ा मेला लगवाने के लिए कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
बरेली। युवा मंच संगठन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को बदायूं में ककोड़ा मेले का आयोजन कराने की मांग को लेकर कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष ध्रुव देव गुप्ता ने जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी (एएमए) पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि प्रशासन ने मेला लगाने की अनुमति दे दी है, लेकिन जिला पंचायत बदायूं के एएमए की गलत रिपोर्ट के चलते मेले के आयोजन पर संकट मंडरा रहा है। युवा मंच पदाधिकारियों ने दस सूत्री ज्ञापन सौंपकर कमिश्नर से मेले का आयोजन कराने की मांग की। साथ ही, प्रकरण की जांच कराने को कहा है। इस दौरान नगर प्रभारी रामबाबू तिवारी, नगर अध्यक्ष आदित्य राज, संजय दिवाकर, अंकित दिवाकर, नगर सचिव दिव्यांश वर्मा, शिवम शर्मा आदि मौजूद रहे। ब्यूरो