जरीफनगर थाना क्षेत्र में चार अक्तूबर को गांव विजयगढ़ी के पास युवक टिंकू का शव मिला था। उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। उसके भाई ने गांव के तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गहनता से जांच पड़ताल की तो टिंकू के कातिल उसके मौसा मौसी निकले।
बदायूं के जरीफनगर इलाके में अलीगढ़ के टिंकू उर्फ भूप सिंह की हत्या करने वाले उसके मौसा-मौसी और मौसेरे भाई-बहन निकले। दरअसल टिंकू का मौसेरी बहन से प्रेम प्रसंग चल रहा था। वह उससे शादी भी करना चाहता था, लेकिन मौसा-मौसी को यह पसंद नहीं था।
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उन्होंने प्लान के मुताबिक मौसेरी बहन से टिंकू को कॉल करवाकर अपने घर बुला लिया। टिंकू चारपाई पर लेटा था। तभी परिवार वालों ने उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी और सड़क किनारे उसका शव फेंक दिया। पुलिस ने पुलिस ने टिंकू के मौसा-मौसी को गिरफ्तार करके जेल भेजा है। वहीं नाबालिग मौसेरी बहन प्रेमिका और उसके नाबालिग भाई को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
टिंकू उर्फ भूप सिंह अलीगढ़ जिले में दांदों थाना क्षेत्र के गांव किरतोली का रहने वाला था। मुख्य आरोपी गजराम टिंकू के चाचा वीरेंद्र का साढू है। वह संभल जिले के गांव कलैथा का रहने वाला है। चाचा का साढू होने की वजह से गजराम टिंकू का मौसा था। इससे दोनों परिवारों का गजराम के घर आना जाना था। इसी आने-जाने के दौरान टिंकू को आरोपी की सोलह वर्षीय बेटी से प्रेम हो गया।
आरोपी गजराम ने रची साजिश
दोनों एक-दूसरे से शादी भी करना चाहते थे। जब भी टिंकू को मौका मिलता था। वह अपने परिवार वालों से बहाना कर कलैथा गांव आ जाता था और गजराम के घर रुकता था। फिर अपनी प्रेमिका से भी मिल लेता था। ऐसा कई बार हो चुका था, जिससे गजराम को दोनों के प्यार के बारे में भनक लग गई और फिर उसने अपनी पत्नी गुड़िया उर्फ गुड्डो के साथ युवक की हत्या करने की साजिश रच डाली।
तीन अक्तूबर को गजराम ने अपनी नाबालिग बेटी से टिंकू को कॉल करवाकर घर बुलाया। टिंकू भी रामलीला मेला देखने के बहाने उसके घर पहुंच गया था। जब वह उसके कमरे में जाकर लेट गया। तभी गजराम, उसकी पत्नी, नाबालिग बेटी और नाबालिग बेटे ने गला घोंटकर युवक की हत्या कर दी और रात में ही पिता-पुत्र बाइक पर युवक का शव लादकर ले गए। उसे गांव के बाहर सड़क किनारे डाल आए।
सोमवार को एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने इस हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि युवक की हत्या में आरोपी गजराम, उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया है। उन्हें जेल भेज दिया गया है, जबकि उनकी नाबालिग बेटी और बेटे को बाल सुधार गृह भेजा गया है।
टिंकू को शक न होने इससे घेर में चले गए थे मौसा-मौसी
तीन अक्तूबर की रात टिंकू कलैथा गांव पहुंचा था। रात को उसको खाना खिलाया गया। योजना के अनुसार मौसा गजराम और उसकी पत्नी घेर में जाकर लेट गए थे। घर पर केवल टिंकू, मौसेरी बहन और उसके दो छोटे भाई रह गए थे। टिंकू अपनी मौसेरी बहन के कमरे में ही सोया था। रात करीब 12:30 बजे जब टिंकू सो गया तो आरोपी नाबालिग बेटा अपने मां-बाप को बुला लाया और फिर उसकी अंगोछे से गला घोंटकर हत्या कर दी।
निर्दोषों के खिलाफ दर्ज करा दी थी रिपोर्ट
चार अक्तूबर को जरीफनगर थाना क्षेत्र में टिंकू का शव मिला था। इसकी सूचना पर उसका भाई अनोखेलाल जरीफनगर थाने पहुंचा था। उसने शुरुआत में अपने गांव के चोब सिंह, मदनलाल पुत्रगण गोकिल और धर्मेंद्र पुत्र प्रेमराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उस दौरान परिवार वाले केवल शक जता रहे थे। उन्हें भी उम्मीद नहीं थी कि इसके पीछे कौन हो सकता था। जहां पर युवक का शव मिला था। वह जरीफनगर थाना क्षेत्र लगता है जबकि कुछ ही दूरी पर दूसरा जिला संभल है।