बदायूं। रुहेलखंड के मिनी कुंभ मेला ककोड़ा के आयोजन को लेकर बृहस्पतिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष वर्षा यादव ने डीएम दीपा रंजन और एसएसपी ओपी सिंह के साथ मेला स्थल का निरीक्षण किया। इसके बाद अब यह संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही मेला ककोड़ा का स्वरूप तय कर दिया जाएगा।
ककोड़ा में गंगा तट पर हर वर्ष कार्तिक माह में आयोजित होने वाला ऐतिहासिक मेला ककोड़ा सदियों पुराना है। मेले में बदायूं समेत आसपास के कई जिलों से श्रद्धालु पहुंचते हैं और यहां गंगा तट पर अस्थायी तंबुओं के शहर में कई दिन तक कल्पवास करते हैं। पिछले वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण मेले का आयोजन नहीं हो सका था। इस वर्ष कार्तिक पूर्णिमा का मुख्य स्नान 19 नवंबर को है। 12 से 26 नवंबर तक मेले का आयोजन होना है। इससे पहले गंगा तट पर सड़क, बिजली, पेयजल व्यवस्था समेत काफी तैयारियां की जानी हैं, लेकिन शासन की अनुमति के बाद भी मेले के आयोजन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
धार्मिक और जनभावनाओं से जुड़े मेले के आयोजन की लगातार मांग उठ रही है। सामाजिक संगठनों के साथ व्यापारी और श्रद्धालुओं के साथ साधु-संत भी मेला आयोजन की मांग कर रहे हैं। जिला पंचायत प्रशासन के आदेश का इंतजार करने की बात कह कर गेंद प्रशासन के पाले में डाल रहा है। मेला आयोजन और मेला के स्वरूप पर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण लोगों में रोष भी पनप रहा है। निरीक्षण के दौरान युवाओं की एएमए से तकरार भी हुई। एएमए ने जब तैयारी जल्दी न होने की बात की तो युवाओं ने उन्हें आड़े हाथों लिया। कहा कि आप तो वीआईपी के लिहाज से तैयारी कराते हो जो घंटे भर को पिकनिक मनाने पहुंचते हैं। जनता तो अपने तंबू खुद लगाती है।
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मेला आयोजन पर अड़े कुर्मी समाज के युवा, भाजपा कार्यालय पर धरना देने पहुंचे
बदायूं। मेला ककोड़ा के आयोजन की मांग लगातार जोर पकड़ रही है। बृहस्पतिवार को कुर्मी समाज के काफी संख्या में युवा मेला आयोजन की मांग को लेकर भाजपा कार्यालय पर धरना देने पहुंच गए। जिस समय यह लोग यहां पहुंचे उस समय भाजपा की सदस्यता अभियान कार्यशाला चल रही थी।
यहां बता दें कि मेला ककोड़ा में कुर्मी समाज के लोग काफी संख्या में पहुंचते हैं। इस बार मेला आयोजन को शासन से अनुमति मिलने के बाद सभी लोग काफी खुश है, लेकिन अब तक स्थानीय स्तर पर मेला आयोजन की तैयारियां न होने से लोगों में नाराजगी है। बृहस्पतिवार को भाजपा जिला कार्यालय पर जिला प्रभारी राकेश मिश्रा, जिलाध्यक्ष राजीव गुप्ता समेत जिले के विधायक भी मौजूद थे। हालांकि, बाद में शेखूपुर विधायक धर्मेंद्र शाक्य ने यहां पहुंचे लोगों से बात की और मेला आयोजन का भरोसा दिया। इसके बाद भाजपा कार्यालय से युवा वापस चले गए।
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धार्मिक और जनभावनाओं को देखते हुए जिला पंचायत की ओर से जनहित में जैसे भी संभव हो मेला ककोड़ा का आयोजन कराने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। 28 सितंबर को मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक में भी मैंने मेला आयोजन पर मुख्यमंत्री से बात की थी। इस बार प्राकृतिक आपदा के साथ मेले की अनुमति मिलने में देरी हुई है। मेला स्थल पर व्यवस्थाओं के लिए जिला पंचायत प्रशासन ठेकेदारों के संपर्क में है।
-वर्षा यादव, अध्यक्ष जिला पंचायत
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मेला स्थल का तकनीकी टीम निरीक्षण कर चुकी है। बृहस्पतिवार को मैंने भी मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया। जमीन काफी गीली है। कई स्थानों पर पानी भरा हुआ है। जनभावनाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मेले के स्वरूप और स्थान को लेकर विचार किया जा रहा है। संबंधितों को निर्देश दिए गए हैं।
- दीपा रंजन, डीएम