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वन और राजस्व विभाग की हजारों बीघा जमीन पर कब्जा, मांगी रिपोर्ट

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दातागंज में हरे पेड़ों के कटान के बाद जमीन। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं / दातागंज। एक ओर सरकार अवैध कब्जों को लेकर गंभीर है, भूमाफिया के खिलाफ प्रदेश भर में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर जिले में राजस्व और वन विभाग की हजारों बीघा जमीन पर कब्जा हो गया है। इस मामले में अब डीएफओ और एसडीएम ने रिपोर्ट मांगी है।
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दातागंज की ग्राम पंचायत बेलाडांडी के गैर आबाद मजरा कुलहा जलौन में राजस्व विभाग की करीब चार हजार बीघा जमीन पर कब्जा हो गया था। लंबे समय के बाद तत्कालीन डीएम दिनेश सिंह ने इस जमीन को कब्जा मुक्त कराने के बाद करीब तीन हजार बीघा में तारकशी कराने के बाद पौधरोपण कराया। ग्राम प्रधान को पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी दी गई, लेकिन इसके बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने इस जमीन की सुध नहीं ली। धीरे-धीरे लोगों ने तारकशी को हटा दिया और पौधों को नष्ट करने के बाद जमीन पर कब्जा कर लिया। ऐसे ही कटरी में अन्य स्थानों पर भी राजस्व और वन विभाग की जमीनों पर कब्जा है।
इसी क्रम में कादरचौक के भूड़ा भदरौल, ककोड़ा गांवों में तो वन विभाग की जमीन पर कब्जे के बाद बस्तियां तक बस गई हैं। सुंदरायन के जंगल और सूख चुकी नूरपुर झील की जमीन पर कब्जा करने के बाद असरदार लोग यहां खेती कर रहे हैं। यहां भी सैकड़ों बीघा जमीन पर कब्जा चिह्नित किया जा चुका है। अधिकारी कहते हैं कि जल्द जमीन को कब्जा मुक्त कराने को अभियान चलाया जाएगा।
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डीएफओ ने चारों वन रेंज से रिपोर्ट तलब की
वन भूमि को कब्जा मुक्त कराने के लिए वन विभाग की ओर से भी जल्द अभियान शुरू किया जा सकता है। जिले में दातागंज, बिसौली, सहसवान और सदर चार वन रेंज हैं। वन संपदा के लिहाज से यह चारों क्षेत्र काफी अहम हैं। सहसवान में मालपुर ततेरा, कादरचौक में सुंदरायन वन और नूरपुर झील, बदायूं और सहसवान में गंगा के तटवर्ती वन इसके अलावा बिसौली में अरिल क्षेत्र में वन संपदा है। जिले में लगभग सभी स्थानों पर वन भूमि पर कब्जा है। शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद डीएफओ अशोक कुमार सिंह ने चारों रेंजर्स से वन क्षेत्र में कब्जों और अतिक्रमण पर रिपोर्ट तलब की है। पैमाइश के लिए राजस्व विभाग से भी सहयोग लिया जा रहा है।
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चारों वन रेंज से वन भूमि पर कब्जे के संबंध में रिपोर्ट तलब की गई है। कादरचौक के ककोड़ा और भूड़ा भदौल में कब्जे की पुष्टि हुई है। चारो वन रेंज से रिपोर्ट आने के बाद ही बताया जा सकता है कि कितनी वन भूमि पर कब्जा है। सख्ती के साथ वन भूमि को कब्जा मुक्त कराया जाएगा।
-अशोक कुमार सिंह, डीएफओ
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शासन अवैध कब्जों को लेकर गंभीर है। बेलाडांडी के मजरा कुलहा जलौन में पौधों को नष्ट कर जमीन पर कब्जे के मामले में जांच और पैमाइश कराने के बाद कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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-राम शिरोमणि, एसडीएम दातागंज
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