एसएसपी कार्यालय में महिलाओं की मौजूदगी में जानकारी देते अल्लापुर भोगी के ग्रामीण। संवाद
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बदायूं/उझानी। अल्लापुर भोगी में शब ए बरात वाली शाम हुए बवाल के मामले में एक पक्ष के लोगों ने मंगलवार दोपहर एसएसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे घटनाक्रम के लिए एक दरोगा की भूमिका पर सवाल उठाया। बताया कि पूरी घटना पुलिस की मौजूदगी में हुई, साथ ही कार्रवाई भी नियमानुसार नहीं की गई। ग्रामीणों ने दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कोतवाली क्षेत्र के गांव अल्लापुर भोगी में 18 मार्च को शब ए बरात पर कब्रिस्तान में चिराग जलाने कुछ लोग पहुंचे तो पास में ही दूसरे पक्ष के लोगों का डीजे बज रहा था। उन्होंने डीजे बंद करने के लिए कहा तो मारपीट हो गई। बाद में इस मामले में पुलिस ने दोनों ही पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की।
मंगलवार को काफी संख्या में ग्रामीण एसएसपी कार्यालय पहुंचे और वहां पुलिस अफसरों से इस मामले में शिकायत की। मुकेश, सतीश, अवधेश और अशोक ने बताया कि बवाल समुदाय विशेष के लोगों ने किया लेकिन दोषी उन्हें ठहराया जा रहा है। पूरे घटनाक्रम में एक दरोगा की भूमिका ठीक नहीं रही है। इसी की मौजूदगी में आरोपियों ने हंगामा किया। महिलाओं को गालियां भी दी गईं। ग्रामीणों ने दोषी दरोगा पर कार्रवाई की मांग की।
बता दें कि इस मामले में पुलिस अब तक तीन रिपोर्ट दर्ज कर चुकी है। सबसे पहले गुड्डू फिर पुलिस की ओर से सरकारी कार्य में बाधा डालने की रिपोर्ट हुई। इसके बाद पुलिस ने अल्लापुर भोगी की ही माया देवी पत्नी सुखलाल की ओर से 41 लोगों को नामजद किया। संवाद