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सावधान! गंगा में कल से फिर आएगा उफान

Tue, 07 Jul 2015 11:46 PM IST
बदायूं।
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गंगा में जलस्तर बढ़ने की खबर ने बाढ़ खंड के अधिकारियों के हौसले पस्त कर दिए हैं। अभी तो गंगा ने अपना रौद्र रूप नहीं दिखाया तो भी अधिकारियों को पसीने छूट रहे हैं। अगर, बाढ़ आई तो बचाव कार्य कैसे होंगे? ये सवाल हर किसी के जेहन में उठ रहा है। 28 जून की भांति एक बार फिर नौ जुलाई को गंगा में पानी बढ़ेगा। जिले में तबाही मचाती रही गंगा के साथ रामगंगा भी उफनने लगी है। बाढ़ खंड फिलहाल परीक्षा से गुजर रहा है। हरिद्वार डैम से छोड़ा गया 61,051 क्यूसेक पानी के यहां पहुंचने पर एक बार गंगा फिर उफनेगी। इन दिनों बाढ़ खंड बचाव के काम छोड़ कटान रोकने में लगा हुआ है।
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हरिद्वार से छोड़ा गया पानी गंगा में 28 जून को 51,553 क्यूसेक पानी आ गया था। जरा महसूस करें कि जहां एक जून से 10 जून तक गंगा में पानी 357 क्यूसेक हो, तो 51 हजार से अधिक पहुंच जाए तो क्या स्थिति होगी। तटीय गांवों के लोग यह सोचकर भयभीत हैं। हालांकि गंगा में पथरामई बांध बचाने का काम शुरू ही किया था कि अब गंगा का पानी पहुंच गया और काम बंद हो गया। स्थानीय बाढ़ खंड के अधिकारियों के हित में हुआ कि हरिद्वार का छोड़ा गया पूरा पानी यहां नहीं पहुंचा। उस समय नहरें सूखीं पड़ी थीं। इस पानी को इन नहरों में मोड़ दिया गया था। अब नहरें भी भरी चल रही हैं। ऐसे में हरिद्वार का पूरा पानी गंगा में पहुंचना है। हरिद्वार डेम से 61,051 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है।
यहां बता दें कि बाढ ख़ंड उसहैत बांध की पथरामई पर की जा रही सुरक्षा में करोड़ों का काम अधर में ही छोड़ दिया गया है। अगर, बाढ़ पर गंगा ने अपना रौद्र रूप दिखाया, तो लगभग डेढ़ करोड़ के काम पर पानी फिर जाएगा। इंजीनियरों का साफ कहना है कि अब पथरामई पर काम होना मुश्किल है। बाकी काम अक्तूबर में ही हो सकेगा।
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फिर कौन देगा डेढ़ करोड़ का हिसाब
यहां बता दें कि जब बाढ़ खंड अधिकारियों को लगता था कि पानी बढने पर पथरामई पर बचाव कार्य नहीं हो पाएगा, तो काम शुरू ही क्यों किया था। इसे लेकर बाढ़ खंड अधिकारियों पर सवाल उठने लगे हैं। बताते हैं कि इस स्थान पर करीब डेढ़ करोड़ की राशि खपा दी गई है। अभी तक गंगा में पानी बढने से काम रुका है। अगर बढ़ती गंगा ने इस पर बार कर दिया तो सब पानी हो जाएगा। काम कितना हुआ है? इसकी जांच भी नहीं हो सकेगी।
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रामगंगा बढ़ी तो नवादा मधुकर में भी काम रुका  
दातागंज। बाढ़ खंड गंगा में ही बचाव कार्य से हतोत्साहित नजर नहीं आया, बल्कि रामगंगा में पानी बढ़ जाने से भी हतोत्साहित हो उठा है। यहां नवादा मधुकर गांव को बचाने का काम भी पानी बढ़ जाने के कारण बंद करना पड़ गया है। पानी की धार ने यहां बड़े-बड़े खार बना दिए हैं। केवल 14 दिनों तक ही यहां काम चल सका। मंगलवार को अधीक्षण अभियंता एके गुप्ता ने निरीक्षण कर पहले खार बंद करने को कहा है।
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सहसवान के कटान बचाव में उलझा महकमा
जहां नवादा मधुकर और पथरामई में बड़े बाढ़ बचाव कार्य अधर में लटक गए हैं। इस बीच गंगा में पानी कम हुआ तो गंगा-महावा बांध के पास कटान तेज हो गया। इनसे कुछ गांवों को खतरा हो गया। बाढ़ खंड के अधिकारियों ने बचाव कार्य छोड़ कटान रोकने में अपनी ताकत लगा दी। कटान से बचाव कार्य अभी भी जारी है।
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बांधों को हर हाल में सुरक्षित करने का प्रयास है लेकिन बड़ी आपदा का कोई समय निर्धारित नहीं होता। बांधों की सुरक्षा को लेकर फिलहाल बांधों की तरफ से उनका विभाग आश्वस्त है। अचानक पानी बढ़ जाने से काम रोकना उनकी मजबूरी हो गई थी।
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- प्रमोद कुमार, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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