बदायूं। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से जिला अस्पताल ब्लड बैंक के सहयोग से एक अक्तूबर को राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के मौके पर जिला अस्पताल में रक्तदान शिविर और जागरूकता गोष्ठी का आयोजन होगा। डीएम दीपा रंजन शिविर का शुभारंभ करेंगी। शिविर में कई सामाजिक संगठनों की भी हिस्सेदारी रहेगी। शिविर सुबह नौ बजे शुरू होकर दोपहर तीन बजे तक चलेगा।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी शिवम रस्तोगी का कहना है कि महामारी के दौरान रक्तदान का महत्व और भी बढ़ गया है। इस समय रक्त की आवश्यकता सामान्य समय के मुकाबले अधिक है। जिला अस्पताल से जिले भर के निजी अस्पतालों के साथ राजकीय मेडिकल कॉलेज की रक्त संबंधी जरूरतों को भी पूरा किया जाता है। जो व्यक्ति रक्तदान करता है 24 घंटों में उतना खून दोबारा अपने आप बन जाता है। इसलिए रक्तदान कर आप किसी की भी जान बचा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि रक्तदान शिविर के साथ जागरूकता गोष्ठी भी होगी, जिसका मकसद रक्तदान के संबंध में फैलीं भ्रांतियों को दूर करना है। बताया कि शिविर में रक्तदान करने वाले महादानियों के स्वास्थ्य की चार महत्वपूर्ण जांच भी की जाएंगी। इसमें एचआईवी, सिफलिस, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस शामिल हैं। इनमें से किसी भी बीमारी के संकेत मिलने पर रक्तदान करने वाले को गोपनीय तरीके से सूचित किया जाएगा, जिससे कि वह अपना उपचार शुरू कर सके। शिविर में रक्तदान के साथ स्वास्थ्य परीक्षण का लाभ भी मिलेगा। फाउंडेशन की ओर से ऐसे रक्तदान करने वाले महादानियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया जाएगा।
-
ये लोग कर सकते हैं रक्तदान
- कोरोना वायरस का संक्रमण ठीक होने के 28 दिन बाद।
- कोरोना से बचाव का टीका लगवाने के 14 दिन के बाद।
- 18 से 60 साल के स्वस्थ महिला और पुरुष।
- डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड के ठीक होने के छह महीने के बाद।
- रक्तदान करने वाले का वजन 45 किलो से अधिक हो।