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दो आरोपियों का आज तक नहीं चला पता

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बदायूं। छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म कांड में शनिवार को तीसरे आरोपी पूर्व विधायक योगेंद्र सागर को 13 साल बाद उम्रकैद की सजा सुना दी गई, लेकिन साल 2008 में तीन आरोपियों के साथ जिन दो और आरोपियों का जिक्र हुआ था न तो उनका पुलिस की जांच में जिक्र हुआ और न ही सुनवाई के दौरान पता चला।
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29 अप्रैल 2008 को छात्रा के पिता ने थाने में तहरीर दी कि 23 अप्रैल को उनकी बेटी अपनी सहेली के घर नोट्स लेने जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में तेजेंद्र सागर, नीरज शर्मा उर्फ मीनू और अन्य लोगों ने उनकी बेटी का अपहरण कर लिया। उनकी तहरीर पर थाना पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण के आरोप में तरमीम किया। उसमें भी दो अन्य लोगों का जिक्र था। ये मामला सीबीसीआईडी को सौंपा गया। करीब पांच माह तक सीबीसीआईडी ने दो अन्य लोगों के नाम उजागर करना तो दूर, चार्जशीट तक दाखिल नहीं की गई। सीबीसीआईडी ने मामले में एफआर लगा दी। इसपर प्रोटेस्ट दाखिल हुई। उस पर सुनवाई हुई तो एफआर निरस्त कर दी गई। आरोपियों के खिलाफ पिता, उनकी बेटी और कई गवाहों ने बयान दर्ज कराए गए। साक्ष्यों और बयानों के आधार पर न्यायालय ने सुनवाई की। 16 जुलाई 2014 को तेजेंद्र सागर और मीनू शर्मा को उम्रकैद सुना दी गई। 30 अक्तूबर 2021 को पूर्व विधायक योगेंद्र सागर को उम्रकैद की सजा हो गई लेकिन साल 2008 के बाद से दो अन्य आरोपियों का कहीं जिक्र नहीं हुआ। पुलिस ने भी कभी ये स्पष्ट करने की जरूरत नहीं समझी कि आखिर इसमें दो अन्य आरोपी थे भी या नहीं।
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एफआईआर और प्रोटेस्ट में गवाह अलग, यहीं खोज रहे बचाव की डगर
छात्रा के अपहरण और दुष्कर्म कांड में आरोपी पक्ष ये मान रहा है कि इस केस के रिवीजन पर उन्हें लाभ मिल सकता है। इसकी वजह बताई जा रही है कि उनके खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर और दाखिल की गई प्रोटेस्ट में अलग-अलग गवाह बनाए गए हैं। पूर्व विधायक के नजदीकी लोगों का कहना है कि छात्रा के अपहरण से लेकर उसको बरामद करने तक कहीं पूर्व विधायक योगेंद्र सागर का नाम नहीं आया। उनका नाम बाद में छात्रा ने अपने बयानों में लिया था। अपील में उच्च अदालत इसका संज्ञान जरूर लेगी।
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चार दिन अस्थायी जेल में रहेगा पूर्व विधायक
आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद पूर्व विधायक योगेंद्र सागर को कचहरी पुलिस चौकी के नजदीक बनी अस्थायी जेल ले जाया गया। जेलर आदित्य कुमार ने बताया कि चार दिन उसे यहां रखा जाएगा। इस बीच उसका कोविड टेस्ट कराया जाएगा। उसके बाद जेल की 12 नंबर बैरक भेजा जाएगा। वहां भी उन्हें चार दिन आइसोलेशन में रखा जाएगा। उसके बाद ही उनकी एक निश्चित बैरक तय की जाएगी।
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विधायक कुशाग्र बोले- नो कमेंट
बिसौली विधायक कुशाग्र सागर से पिता को उम्रकैद की सजा के मामले में बातचीत का प्रयास किया गया तो उनका गला भर आया। रुंधे गले से विधायक ने कहा कि वह फिलहाल इस मुद्दे पर कोई बात नहीं करना चाहते।
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