बदायूं। गंगा के साथ रामगंगा ने भी रौद्र रूप अपना लिया है। सदर, दातागंज और सहसवान तहसील के 50 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। 25 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। अन्य गांवों को बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। मानसून खत्म होने के बाद पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हुई भारी बारिश के बाद गंगा और रामगंगा में आए उफान ने समस्या पैदा कर दी है। हालात बेकाबू हो रहे हैं।
शुक्रवार को भी गंगा में नरौरा बैराज से 2.33 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। शुक्रवार को मीटरगेज पर गंगा का जलस्तर 162.76 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 76 सेमी ऊपर है। बुधवार को ही गंगा खतरे का निशान पार कर गई थी। बृहस्पतिवार को फिर से दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया तो हालात गंभीर हो गए। शुक्रवार को 2.33 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ने के बाद हालात अनियंत्रित हैं। सदर, सहसवान और दातागंज तहसील के तटवर्ती 25 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। यहां के ग्रामीण पलायन की तैयारी कर रहे हैं। गांवों को बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। ऐसे में इन गांवों का नगर क्षेत्रों से संपर्क टूट गया है। आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ रहा है। शुक्रवार को गंगा में हरिद्वार से 92,052 और बिजनौर से 56,052 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। फिलहाल जल्द हालात सामान्य होने की उम्मीद नहीं है।
सहसवान के आसेनगला, कोतल नगला, तेलिया नगला, तोफी नगला, परशुराम नगला, खागी नगला में बाढ़ का पानी घुस गया है। उसहैत के अहमदनगर बछौरा में गंगा तेजी से कटान कर रही हैं। इसके अलावा यहां जटा, प्रेमी नगला, कदम नगला, दल नगला, रहपुरा, कमलैयापुर, जसवंत नगला, ठकुरी नगला में हालात बेकाबू हो गए हैं। दातागंज में रामगंगा के तटवर्ती गढ़िया, पैगंबरपुर, हर्रामपुर, शेरपुर, मोजमपुर में बाढ़ का पानी घुस गया है। यहां के ग्रामीण गांव छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं। सदर तहसील में कछला के आस-पास के ढकनगला, डिलौर, खजुरारा, बहोरानगला बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
उसहैत बांध अतिसंवेदनशील, भुंड़ी बांध के ऊपर से बह रहा पानी
उसहैत। गंगा में लगातार पानी छोड़े जाने के कारण उहसैत क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में हालात गंभीर हो गए हैं। उहसैत बांध पर हालात अतिसंवेदनशील बने हुए हैं। बांध के उस ओर भरे गांवों को चारों ओर से बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। भुंडी बांध के ऊपर से बाढ़ का पानी बह रहा है। उसहैत बांध पर कई स्थानों पर कटान हो रहा है। यहां सैकड़ों बीघा जमीन गंगा में समा गई है। फसलें जलमग्न होने और हर ओर पानी भरा होने के कारण पशुओं के चारा का भी संकट पैदा हो गया है।
दातागंज में समरेर बाढ़ चौकी क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित
दातागंज। रामगंगा की समरेर बाढ़ चौकी सेहरा बछलिया क्षेत्र के गांव बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित हैं। यहां गढ़िया, हर्रामपुरा, शेरपुर, पैगंबरपुर, मौसमपुर गांवों में दो से तीन फुट तक बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इसके साथ ही खुर्दी, नवदिया, जयपाल, सितावनगर, महताबपुर, अकबरपुर, धनौरा आदि गांवों को बाढ़ के पानी ने घेर लिया है। इन गांवों का संपर्क कटने के कारण आने-जाने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना हो रहा है। ग्रामीण बाढ़ के कारण भयभीत हैं।
गढ़िया रंगीन मार्ग पूरी तरह जलमग्न, यातायात बंद हुआ
दातागंज। रामगंगा में दूसरे दिन भी उफान के कारण दातागंज-गढ़िया रंगीन मार्ग पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। इस मार्ग पर चार फुट तक बाढ़ का पानी बह रहा है। ऐसे में यहां आवागमन बंद हो गया है। गढ़िया रंगीन मार्ग पर सबसे ज्यादा लालपुर, शेरपुर और हर्रामपुर गांव के पास हालात खराब हैं। बुधवार को ही रामगंगा में उफान के कारण गढ़िया रंगीन मार्ग पर दो फुट तक पानी भर गया था। शुक्रवार को यहां हालात और भी खराब हो गए हैं।
जिले में बांधों की स्थिति
- उसहैत- अतिसंवेदनशील
- गंगा-महावा- संवेदनशील
- चंदनपुर-हुसैनपुर- संवेदनशील
- जोरी नगला- संवेदनशील
- उसावां- संवेदनशील
- ईसमपुर - सामान्य
- नगला अजमेरी - सामान्य
शुक्रवार को गंगा में लगातार दूसरे दिन दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। कई स्थानों पर हालात काफी गंभीर हैं। प्रशासन और बाढ़ खंड की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। जहां कटान हो रहा है वहां कटान रोकने के सभी प्रबंध किए जा रहे हैं। रामगंगा में भी इन दिनों उफान है। - नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड