बदायूं। जिला प्रशासन की ओर से जिले में आई बाढ़ और बारिश की वजह से किसानों की खराब फसल का आकलन कार्य पूरा हो गया है। राजस्व विभाग की टीम ने जो रिपोर्ट सौंपी है उसके मुताबिक केवल दातागंज क्षेत्र में सर्वाधिक नुकसान हुआ है। वहां के 138 गांवों के करीब 22 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। इन किसानों को डाटा वेबसाइट पर एकत्र किया जा रहा है ताकि शासन से प्राप्त धनराशि सीधे प्रभावित किसानों के खातों में जा सके।
पहाड़ों पर हुई बारिश का असर जिले में होकर बहने वाली गंगा और रामगंगा नदी में देखने को मिला। गंगा नदी में करीब एक सप्ताह तक खतरे के निशान से ऊपर बहती रही। इसकी वजह से कई गांवों में पानी बढ़ गया। इसकी वजह सदर, सहसवान तहसील में फसलों को नुकसान हुआ। हालांकि प्रशासन ने जब राजस्व विभाग की टीम से इसका सर्वे कराया तो पाया कि इन तहसीलों में 10 से 12 प्रतिशत के बीच में किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। इसी तरह बिसौली, बिल्सी में भी 10 प्रतिशत के करीब नुकसान माना। अधिकारियों के अनुसार ऐसे में शासनादेश के मुताबिक इन गांवों के किसानों फसल क्षतिपूर्ति का लाभ नहीं मिल सकता है।
वहीं दूसरी तरफ रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से दातागंज इलाकों के कई गांवों में पानी भर गया था। और खेेतों में खड़ी सैकड़ों बीघा फसल डूब गई थी। इसकी वजह से बढ़ी संख्या में किसानों की फसल को क्षति हुई। राजस्व विभाग की टीम ने शुक्रवार शाम दातागंज तहसील के गांवों का सर्वे किया। प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार 138 गांवों के करीब 22 हजार किसान प्रभावित हुए हैं। इन गांवों में सात हजार 176 हेक्टेयर जमीन पर खड़ी फसल खराब हो गई। इसकी रिपोर्ट राजस्व विभाग की टीम ने डीएम कार्यालय को दी है। इसके बाद में इन किसानों के डाटा फीडिंग का काम तेजी से शुरू हो गया ताकि इनको दिवाली से पहले मुआवजा दिया जा सके। संवाद