बदायूं। करीब साढ़े चार साल पुराने जानलेवा हमले के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश सारिका गोयल ने नामजद आरोपी को मुजरिम ठहराते हुए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषसिद्ध मुजरिम पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
जरीफनगर के गांव रफ़तपुर मौरुशुमाली निवासी पोखी ने 29 जून 2017 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह दिन में तीन बजे अपने घर पर बैठे थे। उसके गांव के देवपाल पुत्र गुलफाम सिंह, बाबूराम, अजीत, लालवीर आए और पुरानी रंजिश को लेकर गालीगलौज व मारपीट करने लगे। पोखी ने गाली देने का विरोध किया तो बाबूराम ने उस पर जान से मारने की नीयत से तमंचे से फायर किया। गोली माथे पर लगी और देवपाल ने भी अपने तमंचे से फायर किया। पुलिस ने रिपोर्ट लिखने के बाद कोर्ट में देवपाल के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। न्यायाधीश सारिका गोयल ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्यों का अवलोकन किया। कोर्ट ने अभियोजन की ओर से एडीजीसी ओमपाल कश्यप और बचाव पक्ष के अधिवक्ता की बहस को सुना। कोर्ट ने आरोपी देवपाल को दोषी ठहराते हुए सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। संवाद