छह मृत गायों से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ी
हल्दौर/झालू। गांव रुकनपुर नंगला में ग्रामीणों ने गत रात्रि गोकशी की आशंका को लेकर करीब आधा दर्जन मृत गाय लदे नगर पंचायत झालू के दो ट्रैक्टर ट्रालियों की घेराबंदी कर रोक लिया और जमकर हंगामा किया। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों से कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। गायों का बिसरा जांच के लिए बरेली प्रयोगशाला भेजा गया है। वहीं पोस्टमार्टम में प्रथम दृष्टया जहरीले चारे को मौत का कारण माना जा रहा है।
गांव रुकनपुर नंगला के पास मंगलवार रात करीब आठ बजे ग्रामीणों ने नगर पंचायत झालू के दो ट्रैक्टर ट्रॉली में कुछ लोगों को करीब आधा दर्जन मृत गायों को लदकर ले जाते हुए देखा। लोगों ने गोकशी की आशंका को लेकर ट्रैक्टर ट्रालियों की घेराबंदी कर जबरन रोक लिया। ग्रामीणों के अनुसार ट्रैक्टर ट्रालियों पर सवार कुछ लोगों व चालकों ने फरार होने का प्रयास किया। तो ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ लिया। ट्रैक्टर ट्रॉली में सवार झालू नगर पंचायत के कर्मचारी गोशाला से गायों के शवों के निष्कासन से संबंधित दस्तावेज भी नहीं दिखा सके। इस पर ग्रामीण भड़क गए और हंगामा शुरू कर दिया।
अखिल भारतीय गोरक्षा महासंघ, बजरंग दल, हिंदू युवा वाहिनी और शिव सेना समेत कई संगठनों के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर एसडीएम सदर विक्रमादित्य मलिक, सीओ सिटी कुलदीप गुप्ता, थाना प्रभारी निरीक्षक सुनील कुमार मौके पर पहुंचे। हिंदू संगठन के कार्यकर्ता प्रशासनिक अधिकारियों से मृत गायों के मामले में शामिल आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई कराए जाने की मांग पर अड़ गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत किया।
पुलिस ने चालकों समेत ट्रैक्टर ट्राली और मृत गायों को कब्जे में ले लिया। पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुष्प ने बताया कि प्रथम दृष्टया गायों की मौत विषैला चारा खाने से प्रतीत हो रही है। मृत गायों का बिसरा पोस्टमार्टम के लिए बरेली लैब भिजवाया गया है।
गौरक्षा महासंघ के प्रदेश महामंत्री पवन गोयल झालू के निकट स्थित कान्हा गौशाला का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्हें गौशाला में गायों की देखरेख और उनका रहन-सहन की अति दयनीय स्थिति को देखा। इससे संगठन के कार्यकर्ताओं में गौशाला प्रशासन के प्रति तीव्र आक्रोश व्याप्त हो गया। पवन गोयल कहना है कि गायों की मौत गौशाला प्रशासन की लापरवाही के चलते हुई है। उन्होंने डीएम से इस मामले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
गौशाला के कुछ कर्मचारियों का कहना है कि रात्रि में अनजाने में चारे में सांप कट गया था। उक्त गायों की मौत विषैला चारा खाने से होने की आशंका जताई जा रही है। लेकिन गौशाला के कर्मचारी गौशाला से बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के गायों के शवों को बाहर ले जाने के मामले में चुप्पी साध गए। गांव हसनपुर जट निवासी कृष्ण कुमार ने इस मामले में एसडीएम सदर को आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कराए जाने के संबंध में तहरीर भी दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में भी लिया गया है।