उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में गन्ना सुरक्षण जारी कर दिया गया है। गन्ना भुगतान में पिछड़ी बजाज ग्रुप के दो क्रय केंद्रों पर कैंची चल गई है। ये केंद्र बिलाई मिल से लेकर धामपुर मिल को दे दिए गए हैं।
गन्ना सुरक्षण की बैठक कई दिन से लखनऊ में चल रही थी। सभी चीनी मिल अपना-अपना गन्ना क्षेत्र बचाने की कोशिश में लगी थीं। गन्ना आयुक्त संजय आर भुसरेड्डी ने किसानों का गन्ना भुगतान न करने पर बिलाई मिल के दो क्रय केंद्र काट दिए हैं। बिलाई चीनी मिल से छोइया नंगली प्रथम और छोइया नंगली द्वितीय सेंटर लेकर धामपुर मिल को दे दिए गए हैं। इन दोनों केंद्रों पर तीन लाख, 23 हजार क्विंटल गन्ना आता है। बिलाई चीनी मिल पर अब भी किसानों का 117 करोड़ से अधिक रुपया बकाया है। जिले में इस बार कोई नया क्रय केंद्र स्वीकृत नहीं किया गया है। मिलों में पेराई शुरू कर दी है।
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वहीं जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार गन्ना सुरक्षण जारी कर दिया गया है। जिले में पांच चीनी मिलों ने पेराई शुरू कर दी है। दीपावली के बाद सभी चीनी मिल पेराई शुरू कर देंगी।
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मिलों को आवंटित गन्ना
बिजनौर 61.30
स्योहारा 366.45
धामपुर 414.76
बुंदकी 239.27
चांदपुर 115.17
नजीबाबाद 123.36
बिलाई 230.15
बरकातपुर 233.24
बहादरपुर 238.20
नोट - गन्ने की मात्रा लाख क्विंटल में है।