- प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने क्षेत्रीय वनाधिकारी को किया निलंबित
- मुख्यालय से आई जांच टीम को किया था गुमराह
- वन संरक्षक मुरादाबाद ने डीएफओ को लिखा था नाराजगी भरा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
नजीबाबाद/बिजनौर। प्रधान मुख्य संरक्षक लखनऊ ने साहूवाला वन रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी आरपी ध्यानी को कीमती पेड़ों के कटान मामले में निलंबित कर दिया। मुख्य वन संरक्षक रुहेलखंड जोन बरेली की संस्तुति पर यह कार्रवाई की है। क्षेत्रीय वनाधिकारी पर कीमती पेड़ों के कटान में संलिप्तता और जांच टीम को गुमराह करने का आरोप था।
बिजनौर वन विभाग नजीबाबाद के साहूवाला रेंज में साखू और खैर के कीमती पेड़ों के कटान का मामला मुखबिर के माध्यम से वन विभाग के उच्चाधिकारियों तक पहुंचा था। प्रकरण की विस्तृत जांच के बाद मुख्य वन संरक्षक रुहेलखंड बरेली की रिपोर्ट और संस्तुति पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक सुनील चौधरी ने क्षेत्रीय वनाधिकारी आरपी ध्यानी को निलंबित कर दिया।
मुख्य वन संरक्षक और वन संरक्षक मुरादाबाद रमेश चंद्रा की जांच में साहूवाला वन रेंज में साखू के 14 और खैर के दो कीमती पेड़ों के अवैध कटान की पुष्टि हुई थी। डीएफओ वंदना फोगाट ने क्षेत्रीय वनाधिकारी आरपी ध्यानी को निलंबित किए जाने की पुष्टि की।
जांच टीम को वन क्षेत्राधिकारी ने किया था गुमराह
साहूवाला रेंज में साखू और खैर के कीमती पेड़ों का कटान करने के लिए तीन और चार दिसंबर को उप प्रभागीय वनाधिकारी रामपुर की अध्यक्षता में गठित टीम पहुंची थी। साहूवाला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी आरपी ध्यानी ने जांच टीम को घटनास्थल से दूर रखते हुए शिकायत झूठी होने की बात कह कर बैरंग लौटा दिया। वन संरक्षक ने इस संबंध में डीएफओ से नाराजगी व्यक्त की थी।
मुखबिर ने टीम को पहुंचा था घटनास्थल
एक मुखबिर ने जांच टीम को पेड़ों के कटान स्थल तक पहुंचाया था। टीम को 16 कीमती पेड़ों का अवैध कटान और उस पर मिट्टी की लीपा पोतीमिली थी।
पुवायां के गांव मुड़िया वैश्य निवासी रागिनी का फाइल फोटो। स्रोत मायके के लोग