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रेलवे की-मैन मजदूरी पर दूसरे से करा रहा था ड्यूटी

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धामपुर में आरपीएफ की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : DHAMPUR
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रेलवे की-मैन मजदूरी पर दूसरे से करा रहा था ड्यूटी
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धामपुर(बिजनौर)। रायपुर सादात थाना क्षेत्र के गांव त्रिलोकवाला निवासी धर्मेंद्र रेलवे में की-मैन के पद पर कार्यरत है। उससे गांव के विनेश उर्फ विनय ने डेढ़ हजार रुपये उधार लिये थे। विनेश से उधारी चुकता नहीं कर पाया तो धर्मेंद्र ने उसे मजदूरी पर रख लिया। इस पर विनय ट्रैक पर गश्त करने लगा। इसका खुलासा सीनियर सेक्शन इंजीनियर केएल वर्मा ने निरीक्षण में किया। वहीं, आरपीएफ ने रविवार को दोनों का चालान कर दिया।
सीनियर सेक्शन इंजीनियर केएल वर्मा ने बताया कि उनका स्टाफ बीती 14 अगस्त को चेकिंग कर रहा था। लाइन पर एक व्यक्ति की-मैन टूल कीट के साथ सेफ्टी जैकेट पहने रेलवे लाइन पर गश्त करता मिला। उसने अपना नाम विनेश पुत्र ऋषिपाल गांव त्रिलोकवाला बताया। विनय रेलवे ट्रैक पर कार्य करने का प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। उससे गहनता से पूछताछ की गई। विनेश ने बताया कि वह की-मैन धर्मेंद्र पुत्र प्रवीण सिंह की एवज ट्रैक पर गश्त करता है। बकौल विनेश, वह रेलवे किलोमीटर 1480/00 से 1483/15 तक ट्रैक पर पेट्रोलिंग करता है।
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पुलिस का कार्रवाई करने से इनकार
सीनियर सेक्शन इंजीनियर की तहरीर पर रायपुर सादात पुलिस ने विभागीय मामला बताकर कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इस पर उन्होंने आरपीएफ चौकी धामपुर में तहरीर देकर कार्रवाई कराई।
चेकिंग में गैरहाजिर मिला की-मैन धर्मेंद्र
सीनियर सेक्शन इंजीनियर ने बताया कि चेिकंग में रेलवे कर्मी धर्मेंद्र कुमार ड्यूटी से गैर हाजिर मिला। उसकी जगह रेलकर्मी ललित कुमार (ट्रैकमैन) को ड्यूटी पर भेजा। घटना के संबंध में 20 अगस्त को आरपीएफ चौकी धामपुर प्रभारी को मीमो दिया। इसके पश्चात कार्रवाई की गई।
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रेलकर्मी के घर पर की पूछताछ : आरपीएफ
आरपीएफ चौकी प्रभारी विकल चौधरी ने बताया कि वह जवानों के साथ रेलवे की-मैन धर्मेंद्र कुमार के घर पहुंचे। वहां धर्मेंद्र से विनेश को भी बुलवा लिया। धर्मेंद्र ने स्वीकारा कि वह अपने स्थान पर विनेश से काम करा रहा है।
हो सकता था बड़ा हादसा
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि समय पता लग गया वरना रेलवे की संरक्षा को संकट में उत्पन्न हो सकता था। रेल यात्रियों की जान-माल को खतरा हो सकता था।
इस आरोप में हुआ चालान
चौकी प्रभारी ने बताया कि आरपीएफ ने जुर्म रेल अधिनियम की धारा 153 ,173 से भलीभांति अवगत कराकर दोनों का चालान किया है।
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