बिजनौर प्रदर्शनी मैदान में लगा झूला।
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अनुमति तीन तक की, मेला अभी जारी
बिजनौर। शासन ने दीपावली उत्सव के तहत दीपावली मेलों का आयोजन सभी जिलों में कराया, इसकी आड़ में अवैध नुमाइश भी लग गई। बिना ठेका छूटे ही कथित ठेकेदार ने दुकानदारों से मोटी रकम भी वसूल कर ली है। दो मीटर की जगह में लगी छोटी दुकान से भी रोजाना पांच सौ रुपये वसूले जा रहे हैं। उधर, पालिका को फूटी कौड़ी की आमदनी भी नहीं हुई।
बिजनौर शहर के नुमाइश ग्राउंड में 28 अक्तूबर से तीन नवंबर तक दीपावली मेले का आयोजन कराया गया। इस मेले में रेहड़ी वालों को मुफ्त में दुकान लगाने के लिए जगह मुहैया कराई जानी थी। जिससे दीपावली के त्योहार में गरीब रेहड़ी वालों को आमदनी हो जाए। अब इसी मेले की आड़ में खेल शुरू हो गया। झूले लगाए गए और तमाम दुकानें लगीं। अब तीन नवंबर को मेला कागजों में खत्म भी हो गया लेकिन इसके बाद भी दुकानें लगी हैं। बाकायदा रात में भी नुमाइश की तरह मेला लग रहा है। जब तीन नवंबर तक ही मेला लगना था तो बाद में किसने अनुमति दे दी। पालिका की ओर से कराई गई व्यवस्थाएं जस की तस बनी हुई है।
रविवार को मेले में दुकान लगाने वाले एक दुकानदार ने बताया कि अभी 25 तक मेला लगा रहेगा। वहीं सिर्फ दो मीटर जगह में दुकान लगाने वाले दुकानदार ने बताया कि वह रोजाना पांच सौ रुपये ठेकेदार को देते हैं।
मेले में दुकानदार किसे पैस दे रहे हैं, यह मालूम नहीं है। नगरपालिका को नुकसान हुआ है। हालांकि आज एनाउंसमेंट कराकर दुकानें हटाने के लिए कहा गया है। दो दिन बाद पुलिस बल के साथ दुकानों को हटवा दिया जाएगा। रेहड़ी वालों के लिए मुफ्त में जगह दी जानी थी।
- मनोज कुमार, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका