दो महीने में बन रहा स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस
बिजनौर। शासन के एक दिन में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के स्लॉट पांच गुना कम करने के कारण आवेदकों को दो माह बाद तक की टेस्ट की तारीख मिल रही है। वर्तमान में एक दिन में केवल 36 ही स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। इससे पूर्व प्रतिदिन एआरटीओ कार्यालय में 150 लोगों के स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते थे।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण शासन की ओर से पिछले महीने ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के नियमों में बदलाव किया गया था। नई गाइडलाइन के अनुसार अब एक दिन में केवल 36 लोगों के ही स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस ही जारी किए जा रहे हैं, जबकि इससे पूर्व प्रतिदिन 150 आवेदकों के स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते थे। एआरटीओ कार्यालय में आने वाली भीड़ को रोकने के लिए ऐसा किया गया था। कोरोना की दूसरी लहर में केवल स्थायी लाइसेंस ही जारी किए जा रहे थे और लर्निंग डीएल बनाने पर रोक लगा दी गई थी।
इस कारण लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं हो पा रहे थे। अब स्थायी डीएल के स्लॉट में पांच गुना कटौती करके लर्निंग डीएल पुराने ढर्रे पर ही बनाए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार ने जिले में बनने वाले स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने को लेकर फिर से नई गाइडलाइन जारी की है। इसके लक्ष्य को घटाया गया था। वर्तमान में प्रतिदिन इसका लक्ष्य मात्र 36 रह गया है। इस दौरान लर्निंग लाइसेंस के लक्ष्य में कोई कटौती नहीं की गई थी। एआरटीओ प्रशासन शिवशंकर सिंह ने बताया कि प्रतिदिन स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस कम बनने के कारण आवेदकों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिस वजह से आवेदकों को दो माह बाद तक की तारीख मिल रही है। उन्होंने बताया कि शासन की गाइडलाइन के अनुरूप ही कार्य किया जाएगा।