निश्चित नहीं होते कैंसर के लक्षण: डॉ. अमित जैन
वेलेंटिस हॉस्पिटल मेरठ के कैंसर स्पेशलिस्ट डॉ. अमित जैन ने बताया यदि हमारे शरीर में कोई भी बीमारी हो रही है और वह एक माह में दवाई खाने पर भी ठीक नहीं हो रहा है तो यह कैंसर हो सकता है। इसके दोनों ही कारण हो सकते हैं, कैंसर हो भी सकता है और नहीं भी। लेकिन ज्यादा चांस कैंसर होने के ही रहते हैं। उन्होंने बताया कि कैंसर के कोई निश्चित लक्षण नहीं होते, इसलिए लक्षणों के आधार पर इसकी पहचान करना मुश्किल है।
गांव छोड़ खेतों में जा बसे शाहपुरपाल के ग्रामीण
जिले के नगीना रोड स्थित विभिन्न कारखानों का प्रदूषित पानी छोइया नदी में आने के कारण इस नदी के तट पर बसे दर्जनों गांवों के हैंडपंप दूषित पानी उगलने लगे थे। इससे गांव अगरी, अगरा, पथरा, हादरपुर, शाहपुर लाल, छोइया नंगली, फतेहपुरगढ़ी, गांव ढोलनपुर, सलेमपुर आदि में कैंसर के मरीज बढ़ने लगे थे। कैंसर से इन गांवों में दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी। कई गांवों के युवाओं में तो उम्र से पहले ही सफेद बाल होने की समस्या होने लगी। हल्दौर ब्लॉक के गांव शाहपुरलाल के 15 से 20 परिवारों ने वहां से पलायन किया था। गांव वालों की मानें तो ये परिवार आज भी अपने खेतों में बने घरों में ही निवास कर रहे हैं। अन्य गांवों की हालत भी बहुत ज्यादा ठीक नहीं है।
ग्रामीणों के अनुसार प्रदूषण विभाग की टीम गांव शाहपुरलाल में पहुंची थी। टीम ने पानी के प्रदूषित होने की पुष्टि भी की थी, लेकिन अभी तक भी नतीजा कुछ नहीं निकला। बीमारी के डर से ही गांव शाहपुरलाल के लोग अपने खेतों में बसे हैं। छोइया नदी में गंगा नदी का पानी तो आ रहा है, लेकिन यदा कदा। गांव वालों के अनुसार नमामि गंगे योजना शुरू होने पर गंगा और अन्य नदियों में सफाई अभियान चलाया गया था। इसके बाद से छोइया नदी में गंदा पानी आने से थोड़ी राहत मिली है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/