जिले में लेमन ग्रास की खेती शुरू
बिजनौर। जिले की पंचायतों में लेमन ग्रास की खेती शुरू हो गई है। इससे लोगों को लेमन चाय सस्ते में उपलब्ध होगी। साथ ही लेमन ग्रास से तेल भी मिलेगा, जो शरीर दर्द में पीपरमेंट तेल की तरह उपयोगी होगा। प्रथम चरण में 25 पंचायतों में खेती शुरू हुई है।
पिछले कुछ समय से लोगों का ग्रीन टी की ओर रुझान बढ़ा है। लोग चाय की जगह ग्रीन टी इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग चाय से होने वाली हानियों से बचने के लिए प्राकृतिक पेय ग्रीन टी को ज्यादा तरजीह देने लगे हैं। शासन ने ग्रीन टी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लेमन ग्रास की खेती को बढ़ावा देने की योजना शुरू की है।
बताया गया कि योजना जनसाधारण के लिए बहु उपयोगी साबित होगी। लेमन ग्रास की खेती जहां स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है। वहीं जिले में योजना के क्रियान्वयन से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा। मनरेगा के जिला उपायुक्त कार्यालय के अनुसार योजना में मनरेगा के पंजीकृत श्रमिकों को काम दिया जाएगा। उपायुक्त कार्यालय में मनरेगा कामकाज प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि शासन से लेमन खेती के लिए मानक तय है। पंचायतों में प्रचार प्रसार शुरू हो गया है। जिले की 25 पंचायतों में लाभार्थियों का चयन हो गया है। चयनित लाभार्थियों ने खेती की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल्द ही अधिक पंचायतों में लेमन खेती शुरू हो जाएगी।
ये है लेमन खेती की प्रक्रिया
बताया गया कि लेमन खेती शुरू करने की तय प्रक्रिया होती है। सबसे पहले लेमन खेती करने के इच्छुक व्यक्ति के पास खेती की जमीन होनी चाहिए। लेमन खेती एक बीघा या कम जमीन रखने वाला व्यक्ति भी कर सकता है। इसके बाद इच्छुक व्यक्ति की मनरेगा में आईडी अर्थात पहचानपत्र बनेगा। फिर विभाग जमीन के रकबे को देखते हुए लेमन खेती का इस्टीमेट बनाता है। मनरेगा विभाग पौध उपलब्ध कराता है। पौध लगाने आदि के लिए मनरेगा से श्रमिक दिए जाते हैं।
नजीबाबाद ब्लॉक लेमन खेती में सबसे आगे
जिले में 11 ब्लॉक है, लेकिन लेमन खेती की प्रक्रिया अभी चार पांच ब्लॉक में ही शुरू हुई है। बताया गया कि लेमन खेती में नजीबाबाद ब्लॉक सबसे आगे हैं। ब्लॉक में कुछ लाभार्थियों की खेती के प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इनमें पौध लगाने की तैयारी का काम शुरू हो गया है। बताया कि लेमन खेती की पौध सहारनपुर से मंगाई जाती है। जल्द ही योजना सभी पंचायतों में शुरू हो जाएगी।
लेमन खेती के लिए ये है पात्र
बताया गया की लेमन खेती के लिए लाभार्थी का लघु सीमांत, सीमांत किसान होना जरूरी है। साथ ही गरीबी रेखा से नीचे अर्थात बीपीएल, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभार्थी हो। विधवा, छोटा किसान भी लेमन खेती के लिए आवेदन कर सकता है। बताया कि शासन की ओर खेती शुरू करने के लिए सभी सुविधाएं दी जाती हैं।